सिवान (बिहार)। बिहार के सिवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर में एक मकान में हुए भीषण विस्फोट से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका मलबा चारों ओर बिखर गया। इस दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बच्चे, युवतियां और एक बुजुर्ग शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है. हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। घंटों तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मलबे से पांच शव बरामद किए गए। हालांकि, मकान की जर्जर स्थिति, रुक-रुककर हो रहे विस्फोट और अंधेरा छा जाने के कारण रात करीब 10 बजे बचाव अभियान रोकना पड़ा। मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अगले दिन तलाशी अभियान जारी रखने की तैयारी की है।
### हादसे में पांच लोगों की मौत, इलाके में पसरा मातम….
जिला प्रशासन के अनुसार, विस्फोट में जान गंवाने वालों की पहचान मकान मालिक स्वर्गीय इस्लाम मियां के 65 वर्षीय पुत्र अमीरुद्दीन मियां, स्वर्गीय अयाद अहमद की 13 वर्षीय पुत्री खुशबू सिद्दीकी, आजाद अहमद की 23 वर्षीय पुत्री मुस्कान सिद्दीकी, फिरोज अहमद के आठ वर्षीय पुत्र अरसद सिद्दीकी तथा बड़हरिया थाना क्षेत्र के सदरपुर निवासी स्वर्गीय शंकर सिंह के 35 वर्षीय पुत्र राजकुमार सिंह के रूप में हुई है. एक ही घटना में पांच लोगों की मौत से आलमपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है। विस्फोट की भयावहता का अंदाजा मकान को हुए भारी नुकसान से लगाया जा सकता है। घटना के बाद स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए और मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका को लेकर चिंता जताई।
### जर्जर मकान और रुक-रुककर हो रहे विस्फोट से बढ़ी मुश्किलें……..
विस्फोट के बाद मकान की संरचना बेहद कमजोर हो गई थी। ऐसे में मलबा हटाने के दौरान मकान के और ढहने का खतरा बना हुआ था। इसके अलावा, घटनास्थल पर रुक-रुककर हो रहे विस्फोट और अंधेरे के कारण बचावकर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने रात करीब 10 बजे बचाव अभियान स्थगित कर दिया। अधिकारियों के सामने एक ओर मलबे में फंसे संभावित लोगों की तलाश की चुनौती थी, तो दूसरी ओर राहतकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी था. प्रशासन की योजना के अनुसार, शनिवार को जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर दोबारा तलाशी अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मलबे के नीचे कोई अन्य व्यक्ति दबा हुआ है या नहीं।
### डीआईजी, डीएम और एसपी ने संभाली कमान…….
हादसे की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी नीलेश कुमार, जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी समेत जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और अभियान की प्रगति की निगरानी की. घटनास्थल पर राहत व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। बचाव एवं राहत कार्य में करीब 14 एंबुलेंस, पांच से अधिक दमकल गाड़ियां, तीन शव वाहन और सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। रात में अभियान स्थगित होने के बाद अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया।
### चिकित्सकों की टीम भी रही तैनात…….
संभावित घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट रहा। सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम घटनास्थल पर तैनात रही। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी. मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए अगले चरण के अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से मशीनों की सहायता से मलबा हटाने और सुरक्षित तरीके से तलाशी अभियान आगे बढ़ाने की तैयारी की गई।
### विस्फोट की वजह अब तक स्पष्ट नहीं…….
आलमपुर में हुए इस भीषण विस्फोट के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। मकान में किन परिस्थितियों में धमाका हुआ और इसकी असल वजह क्या थी, यह जांच का विषय है। फिलहाल पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना के कारणों और अन्य संभावित प्रभावितों के संबंध में स्थिति बचाव अभियान तथा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


