गिरिडीह : झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात आकस्मिक निधन हो गया। वह गिरिडीह स्थित अपने आवास पर थे। बताया जा रहा है कि रात में सोने जाने के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल गिरिडीह के निजी मरसी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हार्ट अटैक के बाद उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी। स्थिति इतनी नाजुक थी कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची ले जाना भी संभव नहीं हो सका। मंत्री के निधन की सूचना मिलते ही गिरिडीह जिला प्रशासन के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। खबर फैलते ही बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता, समर्थक और शुभचिंतक अस्पताल तथा उनके आवास की ओर पहुंचने लगे।

JMM ने X पर जताया गहरा शोक……
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने गहरा शोक व्यक्त किया। पार्टी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा गया—
“ज़िंदगी की क्षणभंगुरता… कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियाँ ही हमारे साथ हैं। जीवन की अनिश्चितता हमें एक बार फिर गहरे दुःख और शोक में छोड़ गई है।”
शिक्षक दिवस कार्यक्रम में हुए थे शामिल……
सुदिव्य कुमार सोनू निधन से कुछ घंटे पहले तक सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया था। शनिवार को ही गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में भी उनकी मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्कूलों को कंप्यूटर उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था।
गिरिडीह सदर से लगातार दूसरी बार बने थे विधायक……
सुदिव्य कुमार सोनू वर्तमान में गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे। उन्होंने 2019 में पहली बार गिरिडीह सदर सीट से विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की और हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री बने. सरकार में उन्हें पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य, नगर विकास तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली थी।
90 के दशक से JMM से जुड़े थे……
सुदिव्य कुमार सोनू का झारखंड मुक्ति मोर्चा से पुराना जुड़ाव रहा। वह 1990 के दशक से पार्टी से जुड़े हुए थे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती थी। संगठन और सरकार से जुड़े मुद्दों को वह मजबूती से जनता के बीच रखते थे. शिक्षा, शहरी विकास, खेल और पर्यटन से जुड़े विषयों पर हाल के दिनों में भी वह लगातार सक्रिय रहे थे।
JPSC-JSSC छात्र आंदोलन में भी निभाई थी अहम भूमिका……
हाल के दिनों में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान भी सुदिव्य कुमार सोनू सक्रिय नजर आए थे। सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच संवाद स्थापित करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने सरकार का पक्ष रखा और परीक्षा सुधार तथा जांच से जुड़े विषयों पर छात्रों को जानकारी दी थी।
झारखंड की राजनीति को बड़ा झटका……
सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन से झारखंड की राजनीति और हेमंत सोरेन सरकार को बड़ा झटका लगा है। एक सक्रिय युवा नेता और मंत्री के असामयिक निधन की खबर से गिरिडीह समेत पूरे झारखंड में शोक का माहौल है। उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा दुख है। देर रात से ही बड़ी संख्या में लोग उनके आवास और अस्पताल पहुंचने लगे।
