एनजीटी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुपालन का दिया निर्देश, संयुक्त समिति करेगी स्थल का निरीक्षण
जमशेदपुर : मानगो के डिमना क्षेत्र में प्रस्तावित अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल की करीब 13 एकड़ जमीन पर खुले में कचरा डंप किए जाने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश का असर दिखाई देने लगा है। 23 सितंबर 2026 को एनजीटी के निर्देश के छह दिन बाद, 29 सितंबर को मानगो नगर निगम ने मशीनें लगाकर वसुंधरा एस्टेट से सटे उक्त स्थल पर सफाई अभियान शुरू किया. यह मामला जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु द्वारा जून 2026 में एनजीटी की पूर्वी क्षेत्र पीठ, कोलकाता के समक्ष उठाया गया था। मूल आवेदन संख्या 202/2026/EZ के माध्यम से उन्होंने खुले में कचरा डंपिंग तत्काल रोकने, जमा कचरे को वैज्ञानिक तरीके से हटाने, मिट्टी एवं भूजल की जांच कराने तथा पर्यावरणीय नुकसान की स्थिति में जिम्मेदार एजेंसी से क्षतिपूर्ति कराने की मांग की थी।

एनजीटी ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश…….
23 सितंबर को मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने प्रथम दृष्टया माना कि आवेदन में पर्यावरण से जुड़े सारवान प्रश्न उठाए गए हैं। अधिकरण ने प्रधान सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग; प्रधान सचिव, नगर विकास विभाग; पूर्वी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी तथा मानगो नगर निगम के आयुक्त को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. अधिकरण ने विशेष रूप से कहा कि नियमों के उल्लंघन में किसी भी प्रकार की कचरा डंपिंग नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को की गई कार्रवाई की रिपोर्ट शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं होने पर उन्हें अधिकरण के समक्ष उपस्थित होकर कारण बताने को कहा गया है। वहीं, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
महीनों की शिकायत के बाद छह दिन में शुरू हुई सफाई….
स्थानीय निवासियों के अनुसार, 29 सितंबर को नगर निगम की मशीनें डंपिंग स्थल पर पहुंचीं और सफाई का काम शुरू किया गया। बताया जाता है कि इससे करीब एक माह पहले भी नगर निगम की ओर से 15 दिनों के भीतर कचरा हटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं हुआ. एनजीटी के आदेश के बाद शुरू हुई सफाई को लेकर सौरभ विष्णु ने इसे अधिकरण के निर्देश का असर बताया है। हालांकि, उनका कहना है कि केवल एक दिन की सफाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
संयुक्त समिति करेगी स्थल का निरीक्षण…….
एनजीटी के आदेश के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और जिला दंडाधिकारी की संयुक्त समिति को आदेश के दो सप्ताह के भीतर बैठक करनी है। समिति को आवेदक को साथ लेकर स्थल का निरीक्षण भी करना है।
इसके बाद समिति को छह सप्ताह के भीतर उपचारात्मक उपायों के साथ अपनी रिपोर्ट अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर 2026 को निर्धारित है. सौरभ विष्णु ने बताया कि उन्होंने राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और जिला दंडाधिकारी से संयुक्त समिति के निरीक्षण की तिथि की जानकारी मांगी है, ताकि एनजीटी के निर्देश के अनुसार वह आवेदक के रूप में निरीक्षण के दौरान मौजूद रह सकें।
“एक दिन की सफाई समाधान नहीं”……..
सौरभ विष्णु ने कहा कि महीनों की शिकायतों और आश्वासनों के बाद जो काम नहीं हो पाया, वह एनजीटी के आदेश के छह दिन के भीतर शुरू हुआ है। उन्होंने सफाई का स्वागत करते हुए कहा कि अब इस स्थल पर सभी संबंधित एजेंसियों का ध्यान गया है, लेकिन यह कार्रवाई केवल औपचारिक सफाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल को निशाना बनाना नहीं, बल्कि मानगो के लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने मांग की कि स्थल पर कचरा गिराना पूरी तरह बंद हो, पहले से जमा कचरे को वैज्ञानिक तरीके से हटाया जाए, मिट्टी और भूजल की जांच कराई जाए तथा 13 एकड़ जमीन को प्रस्तावित बस टर्मिनल के लिए सुरक्षित रखा जाए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सफाई के दौरान हटाया गया कचरा आखिर कहां ले जाया गया, इसका स्पष्ट विवरण संयुक्त समिति के निरीक्षण के दौरान सामने आना चाहिए। उनका कहना है कि यदि एनजीटी के आदेश के बाद भी दोबारा यहां कचरा डंप किया जाता है तो उसकी तस्वीरें और तारीख सहित साक्ष्य अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
बस टर्मिनल की जमीन को डंपिंग स्थल बनाने पर सवाल……
गौरतलब है कि डिमना क्षेत्र की उक्त करीब 13 एकड़ जमीन पर अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल प्रस्तावित है। ऐसे में इस जमीन पर लगातार कचरा डंप किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठते रहे हैं। अब एनजीटी के निर्देश के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सफाई के साथ-साथ कचरा डंपिंग पर स्थायी रोक लगती है या नहीं और संयुक्त समिति की जांच में पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।
