चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत लोंजो के समीप केड़ाबीर जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में दो नक्सलियों के मारे जाने की सूचना सामने आ रही है। हालांकि पुलिस ने फिलहाल केवल मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि की है और सर्च अभियान समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी देने की बात कही है।



जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब सात बजे सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम जंगल क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से कुछ देर तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। बताया जा रहा है कि दबाव बढ़ता देख नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भागने लगे।
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि सोनुआ थाना क्षेत्र के लोंजो-केड़ाबीर इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। फिलहाल पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अभियान समाप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने नक्सली मारे गए हैं तथा मौके से क्या-क्या बरामद हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान में कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम शामिल है। सुरक्षा बलों ने जंगल के कई हिस्सों को सील कर दिया है ताकि नक्सली भागने में सफल न हो सकें।
सूत्रों के मुताबिक सारंडा क्षेत्र में लगातार बढ़ते दबाव के बाद कई बड़े नक्सली नेता पोड़ाहाट के जंगलों में शरण लिए हुए हैं। इनमें करोड़ों के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के सक्रिय होने की सूचना सुरक्षा एजेंसियों को मिली थी। इसके अलावा 10 लाख के इनामी नक्सली सालुका कायम और उसके दस्ते की मौजूदगी की भी खबर थी। इसी इनपुट के आधार पर सुरक्षाबल लगातार इलाके में अभियान चला रहे थे। माना जा रहा है कि मंगलवार की मुठभेड़ उसी अभियान का हिस्सा है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व गोईलकेरा थाना क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहले से अलर्ट थीं। उस घटना के बाद यह संकेत मिले थे कि नक्सली संगठन सारंडा से निकलकर कोल्हान और पोड़ाहाट के जंगलों में अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में अभियान तेज कर दिया था।
इससे पहले 29 अप्रैल को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मार गिराया था। उस कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था कि पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के जंगलों में सक्रिय नक्सलियों के खिलाफ जल्द ही और बड़ी कार्रवाई की जाएगी।



