जमशेदपुर : पनीर भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है। घरों से लेकर होटल और रेस्टोरेंट तक इसकी मांग रहती है, जबकि त्योहार और शादी-विवाह के मौसम में इसकी खपत और बढ़ जाती है। ऐसे में बाजार से पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और सुरक्षित रखरखाव को लेकर उपभोक्ताओं का सतर्क रहना जरूरी है. पैक्ड पनीर खरीदते समय सबसे पहले पैकेट पर दर्ज FSSAI लाइसेंस संबंधी विवरण की जांच करें। इसके साथ निर्माता या पैकर का नाम-पता, बैच या लॉट नंबर, निर्माण अथवा पैकिंग की तारीख और ‘यूज बाय’ या उपयोग की अंतिम तारीख जरूर देखें। फटी पैकिंग, टूटी सील या अस्पष्ट लेबल वाला उत्पाद खरीदने से बचना बेहतर है।

रंग और आकार से गुणवत्ता का अंदाजा नहीं……
पनीर दूध से तैयार होने वाला खाद्य पदार्थ है और इसे उचित तापमान व स्वच्छ परिस्थितियों में रखना जरूरी होता है। परिवहन या भंडारण में लापरवाही से इसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए केवल रंग, आकार या बाहरी बनावट देखकर पनीर को गुणवत्तापूर्ण या मिलावटी मान लेना उचित नहीं है. खुले में बिकने वाले पनीर की खरीदारी में भी सावधानी जरूरी है। दुकान में पनीर किस तरह रखा गया है, आसपास साफ-सफाई कैसी है और उत्पाद लंबे समय से खुले में तो नहीं पड़ा है—इन बातों पर ध्यान देना चाहिए। असामान्य गंध, रंग में बदलाव या बनावट में स्पष्ट अंतर नजर आने पर उत्पाद खरीदने से बचें।
संदेह होने पर खुद फैसला नहीं, करें शिकायत……
किसी खाद्य पदार्थ को केवल देखकर मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता। इसकी पुष्टि वैज्ञानिक जांच और अधिकृत प्रयोगशाला परीक्षण से ही संभव है। ऐसे में किसी उत्पाद पर संदेह होने पर अपुष्ट दावा फैलाने के बजाय संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना देना उचित है. उपभोक्ताओं को पनीर खरीदते समय बिल या रसीद जरूर लेनी चाहिए। इससे शिकायत की स्थिति में उत्पाद और विक्रेता की पहचान करने में मदद मिलती है। घर लाने के बाद पैकेट पर दिए गए स्टोरेज निर्देशों का पालन करें और पैकेट खोलने के बाद लंबे समय तक पनीर रखने से बचें. सतर्क खरीदारी ही सुरक्षित खानपान की पहली सीढ़ी है। FSSAI विवरण, लेबल, तारीख, पैकेजिंग और भंडारण की स्थिति की जांच कर उपभोक्ता अपने परिवार की सेहत को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत सकते हैं।
