जमशेदपुर : देहरादून के सेंटर सिटी मॉल में 13 फरवरी को गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या के बाद उसके नेटवर्क और कारोबार में बड़ा फेरबदल किया गया है। दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह की सहमति से विक्रम उद्योग प्रा. लि. समेत उससे जुड़े करोड़ों रुपए के कारोबार की जिम्मेदारी सोनारी निवासी अशोक सिंह राघव को सौंपी गई है।

















कोर्ट में दस्तावेज प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस निर्णय की लिखित सूचना संबंधित लोगों को दे दी गई है। अब देहरादून से लेकर जमशेदपुर तक फैले स्टोन क्रशर, रियल एस्टेट समेत अन्य कारोबार की देखरेख अशोक सिंह करेंगे। साथ ही ईडी कोर्ट से पूर्व में मुक्त कराई गई करीब 670 करोड़ रुपए की संपत्ति की निगरानी की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है, जो अखिलेश सिंह के जेल से बाहर आने तक उनके पास रहेगी। इस फेरबदल की जानकारी सामने आने के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों में हलचल है।
जब संपत्ति को कोर्ट से मिली थी राहत, 670 करोड़ रिलीज……
दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह की संपत्ति को जिला पुलिस ने पहले जब्त किया था, लेकिन ईडी की विशेष अदालत से सात साल पहले उसे राहत मिल गई थी। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अखिलेश सिंह को बरी करते हुए जब्त संपत्ति को भी मुक्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद करीब 670 करोड़ रुपए की संपत्ति रिलीज की गई। जिला पुलिस ने 29 मार्च 2017 को बिष्टुपुर स्थित सुजीत जैन अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 503 में छापेमारी की थी। यहां से अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री से जुड़े कई मूल दस्तावेज बरामद हुए थे। इन्हीं के आधार पर पुलिस ने ईडी को पत्र लिखकर संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कराई थी।
इन संपत्ति को कोर्ट ने रिलीज किया था……..
• कोलकाता के कालीघाट स्थित आईसीआईसीआई बैंक में 12 करोड़।
• नोएडा सेक्टर के एक्सिस बैंक में 22 करोड़ रुपए।
• जबलपुर में 200 एकड़ जमीन, जिसकी कीमत 70 करोड़।
• दिल्ली रोहिणी में बैंक में 34 करोड़ रुपए।
• रांची के कांटाटोली में 15 हजार टन का डीओबी।
• गुजरात के सूरत में 15 एकड़ जमीन।
• सिंगापुर में एक्सपोर्ट कारोबार और अन्य निवेश।
• नोएडा में फ्लैट।
• गुरुग्राम के प्लॉट से जब्त कागजात।
• गुरुग्राम और जयपुर में बिल्डर के साथ बिल्डिंग बनाने का प्रोजेक्ट।
