सिटी एसपी की नई रणनीति, दुकानदारों पर सख्ती
ऑनलाइन बिक्री पर रोक की तैयारी, ई-कॉमर्स कंपनियों को भेजा जाएगा पत्र
जमशेदपुर : शहर में तेजी से बढ़ रही चापड़बाजी की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए जिला पुलिस ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। सिटी एसपी ललित मीणा के नेतृत्व में एक व्यापक रणनीति तैयार की गई है, जिसके तहत अब चापड़ की बिक्री पूरी तरह निगरानी के दायरे में होगी।



नई व्यवस्था के मुताबिक, हर खरीदार का सत्यापन अनिवार्य होगा। बिना पहचान के चापड़ की बिक्री नहीं की जा सकेगी। इतना ही नहीं, क्षेत्रवार दुकानदारों को अलग-अलग रंग का ‘कलर कोड’ लागू करना होगा, ताकि किसी भी वारदात के बाद यह आसानी से पता लगाया जा सके कि हथियार किस दुकान या इलाके से खरीदा गया था। पुलिस का मानना है कि इससे आरोपियों तक पहुंचना और गिरफ्तारी करना आसान होगा।
बुधवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सिटी एसपी ने सभी डीएसपी और थाना प्रभारियों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही पुलिस अब ई-कॉमर्स कंपनियों को पत्र लिखकर ऑनलाइन चापड़ की बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी करेगी।
ट्रैफिक व्यवस्था भी होगी दुरुस्त, नए चेकिंग प्वाइंट चिन्हित……
शहर की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी फोकस किया गया है। सिटी एसपी ने निर्देश दिया है कि नए ट्रैफिक चेकिंग स्पॉट चिन्हित किए जाएं, ताकि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
इसके अलावा, आर्म्स एक्ट और छिनतई मामलों में जेल से छूटे अपराधियों का लगातार भौतिक सत्यापन किया जाएगा। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उन्हें समय-समय पर थाने बुलाकर पूछताछ भी की जाएगी। लंबित मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ वारंट, इश्तेहार और कुर्की की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं एनडीपीएस मामलों में भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।
महिला और पॉक्सो मामलों में तेजी, जल्द दाखिल होगी चार्जशीट……
संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता देते हुए सिटी एसपी ने साफ निर्देश दिया है कि महिला उत्पीड़न और पॉक्सो केस में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
जमीनी स्तर पर लागू होगी नई व्यवस्था……
पुलिस की इस नई योजना को जमीन पर उतारने के लिए थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में दुकानदारों और ठेका विक्रेताओं के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों का मानना है कि यह पहल चापड़ हमलों पर लगाम लगाने के साथ-साथ शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी।
