जमशेदपुर : मानगो थाना क्षेत्र के जवाहर नगर स्थित महावीर कॉलोनी रोड नंबर-15 में सोमवार शाम पड़ोसियों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। कथित मारपीट की इस घटना में एक ही परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए, जिनमें से तीन का इलाज एमजीएम अस्पताल में कराया जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

घायलों की पहचान महावीर कॉलोनी निवासी उमेश कुमार वर्मा (46), उनकी पत्नी उषा देवी (40), पुत्र गोपाल कुमार वर्मा (14) तथा दो नाबालिग बेटियां गुनगुन (16) और गौरी कुमारी (14) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि उमेश वर्मा, उनकी पत्नी और पुत्र को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि दोनों बेटियों को भी मारपीट में चोट लगी है।
पीड़ित उमेश कुमार वर्मा ने पड़ोस में रहने वाले प्रेमनाथ साह, मंजू देवी और आकाश साह पर परिवार के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विभिन्न मुद्दों को लेकर विवाद चल रहा था, जो सोमवार को अचानक उग्र हो गया।
उमेश वर्मा का आरोप है कि उनके पड़ोसी कथित रूप से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि गांजा खरीदने आने वाले लोग अक्सर देर रात उनके घर का दरवाजा खटखटाते थे, जिससे परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
पीड़ित के अनुसार सोमवार को सड़क पर गंदा पानी बहाने तथा अतिक्रमण को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोसी पक्ष के लोगों ने मिलकर पूरे परिवार पर हमला कर दिया।
उमेश वर्मा ने यह भी आरोप लगाया है कि पड़ोसी परिवार द्वारा सड़क के एक हिस्से पर अवैध पार्किंग बनाकर अतिक्रमण किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया तथा मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। वहीं दूसरे पक्ष का पक्ष भी सामने नहीं आ सका है।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री और अतिक्रमण संबंधी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती, तो विवाद इतना गंभीर रूप नहीं लेता। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
