डीआईजी इंद्रजीत महथा ने कहा—एआई के दौर में तकनीकी रूप से दक्ष बनें युवा, सही निर्णय लेकर सफलता की नई राह गढ़ें
कुलाधिपति मदन मोहन सिंह बोले—विद्यार्थियों को सिर्फ डिग्री नहीं, ज्ञान, कौशल और संस्कारों से समृद्ध करना विश्वविद्यालय का ध्येय
जमशेदपुर : नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत और उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं अनुशासित कार्यसंस्कृति से परिचित कराने के उद्देश्य से इंडक्शन प्रोग्राम ‘नव-आगमन 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। उत्साह, उमंग और नई उम्मीदों से भरे इस समारोह में करीब 5000 विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अभिभावकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया. कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर में अतिथियों के आगमन और झारखंड की पारंपरिक लोक संस्कृति पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुति के साथ हुई। सभागार में अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का औपचारिक शुभारंभ हुआ। विद्यार्थियों ने गणेश वंदना और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से समारोह में भक्ति, ऊर्जा और उत्साह का रंग भर दिया।

एआई के दौर में तकनीकी रूप से दक्ष बनें युवा : इंद्रजीत महथा…..

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसटीएफ के डीआईजी इंद्रजीत महथा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और तेजी से बदलती तकनीक का है। ऐसे समय में युवाओं को खुद को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन संभावनाओं के साथ चुनौतियों से भी भरा होता है। इसलिए विद्यार्थियों को सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी चाहिए और अपने कार्यों से समाज के लिए मिसाल कायम करनी चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीक का सकारात्मक उपयोग करते हुए ज्ञान और कौशल को लगातार विकसित करने का आह्वान किया।
डिग्री के साथ ज्ञान, कौशल और संस्कार जरूरी : मदन मोहन सिंह….
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्रदान करना या डिग्री देना नहीं है। विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल, संस्कार और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों से समृद्ध करना ही संस्थान का प्रमुख ध्येय है. उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने, अनुशासन बनाए रखने और शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

अनुशासन और रचनात्मकता से मिलेगी सफलता : कुलपति….
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध और नवाचार की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, निरंतर अध्ययन और व्यावहारिक कौशल को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, तकनीकी क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान को भी मजबूत करना होगा।
जिज्ञासा और सीखने की ललक बनाए रखें : प्रदीप कुमार सिंह……
दैनिक जागरण के संपादक प्रदीप कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेस और मीडिया केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने और जन-जागरूकता पैदा करने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं होता। विद्यार्थी जीवन में जिज्ञासा और लगातार कुछ नया सीखने की ललक ही युवाओं को भविष्य में दूसरों से अलग पहचान दिलाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से विचारों में स्पष्टता, बातों में सत्यता और कर्मों में निष्ठा बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि आज सूचनाओं का भंडार उपलब्ध है, लेकिन उनमें से सही और सकारात्मक ज्ञान का चयन कर अपने व्यक्तित्व का विकास करना ही वास्तविक समझदारी है। विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उन्हें अपनी शिक्षा एवं प्रतिभा का उपयोग व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी करना चाहिए।
विद्यार्थियों को दिलाई अनुशासन और मूल्यों की शपथ……
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव नागेंद्र कुमार ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के मूल्यों, अनुशासन, नियमों और शैक्षणिक जिम्मेदारियों के प्रति निष्ठावान रहने की शपथ दिलाई। नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत के प्रतीक के रूप में विद्यार्थियों के बीच इंडक्शन बैग/किट का भी वितरण किया गया. कार्यक्रम में कॉरपोरेट एवं मीडिया जगत से जुड़े अतिथियों ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने आधुनिक संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास और रोजगारपरक दक्षताओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी।
शिक्षा, प्रशासन, मीडिया और कॉरपोरेट जगत की रही मौजूदगी……
समारोह में कुलाधिपति मदन मोहन सिंह, मुख्य अतिथि इंद्रजीत महथा (डीआईजी, एसटीएफ), कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि, कुलसचिव नागेंद्र कुमार, दैनिक जागरण के संपादक प्रदीप कुमार सिंह, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के ईसी सदस्य धर्मेंद्र सिंह, जमुना ऑटो लिमिटेड के हेड एचआर पंकज गुप्ता, एचआर एग्जीक्यूटिव गदाधर दास, दैनिक जागरण के जनरल मैनेजर दिलावर साहू तथा सितवन्तो देवी महिला कल्याण संस्थान के चेयरमैन मृत्युंजय झा समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी आमंत्रित अतिथियों को विश्वविद्यालय का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह का समापन मृत्युंजय झा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया. ‘नव-आगमन 2026’ नए विद्यार्थियों के लिए महज स्वागत समारोह नहीं रहा, बल्कि यह उनके शैक्षणिक जीवन की नई शुरुआत, लक्ष्य निर्धारण और उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करने वाला प्रेरणादायी मंच साबित हुआ।
