जमशेदपुर : ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों को मोटी कमाई और बड़े इनाम का लालच देकर लाखों रुपये की चपत लगाने वाले साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का जमशेदपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रामगढ़ साइबर थाना और जमशेदपुर साइबर अपराध थाना की संयुक्त टीम ने बिरसानगर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 25 मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप, 102 एटीएम/डेबिट कार्ड, 67 सिम कार्ड और नौ बैंक पासबुक समेत भारी मात्रा में डिजिटल एवं बैंकिंग उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ‘GET&ID’ नामक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। शुरुआती दौर में कम पैसे लगाकर बड़ा इनाम जीतने का लालच दिया जाता था। इसके बाद जब खिलाड़ी पैसे हारने लगता था, तो उसे अगली बार बड़ा दांव लगाकर अपनी पूरी रकम वापस पाने का भरोसा दिलाया जाता था। इसी लालच में लोग लगातार पैसे लगाते जाते थे और अंततः लाखों रुपये गंवा बैठते थे।
### रामगढ़ से जुड़े मामले की जांच में जमशेदपुर तक पहुंची पुलिस…….
जानकारी के अनुसार, रामगढ़ साइबर अपराध थाना में दर्ज कांड संख्या 05/2026 की जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के जमशेदपुर के बिरसानगर इलाके में सक्रिय होने की सूचना मिली थी। इसके बाद 29 अक्टूबर को रामगढ़ साइबर थाना की टीम आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए जमशेदपुर पहुंची।
वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर जमशेदपुर साइबर अपराध थाना, बिरसानगर थाना और रामगढ़ साइबर थाना की संयुक्त छापेमारी टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बिरसानगर थाना क्षेत्र के डुंगरी टोला, ओम नगर, रोड नंबर-02 स्थित कामेश्वर राम के मकान के प्रथम तल पर बने किराए के फ्लैट में छापेमारी की. पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर तलाशी ली। इस दौरान कथित तौर पर ऑनलाइन साइबर ठगी का संचालन करते हुए पांच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, फ्लैट से ठगी के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्य मिले हैं।
### गेमिंग के नाम पर पहले लालच, फिर लाखों की चपत…..
पुलिस जांच में सामने आए अपराध के तरीके के अनुसार, गिरोह के सदस्य ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को खेल में पैसे लगाने के लिए प्रेरित करते थे। शुरुआत में कम रकम लगवाकर बड़े इनाम का लालच दिया जाता था, ताकि लोग प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने लगें।
इसके बाद जब खिलाड़ी नुकसान उठाने लगता था, तो उसे यह कहकर दोबारा पैसे लगाने के लिए उकसाया जाता था कि अगली बड़ी बाजी में पिछली रकम वापस मिल सकती है। इसी तरह लोग नुकसान की भरपाई की उम्मीद में लगातार रकम लगाते रहते थे और बड़ी धनराशि गंवा देते थे।
ठगी से प्राप्त रकम को कथित तौर पर फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद अलग-अलग एटीएम और डेबिट कार्ड के माध्यम से नकद निकासी कर रकम को ठिकाने लगाया जाता था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार किन अन्य लोगों और बैंक खातों से जुड़े हैं।
### गिरफ्तार पांच आरोपी…….
1. **एम. भानु प्रकाश (31 वर्ष)**, निवासी चर्च रोड, जोन नंबर-07, गोलमुरी, जमशेदपुर।
2. **मो. फरहान (21 वर्ष)**, निवासी बी रोड, इमामबाड़ा के पास, बारीनगर, टेल्को, जमशेदपुर।
3. **राहुल मिंज**, निवासी मदर टेरेसा रोड, जोन नंबर-06, बिरसानगर, जमशेदपुर।
4. **अभिषेक राज (करीब 25 वर्ष)**, निवासी जोन नंबर-02, रोड नंबर-02, बिरसानगर, जमशेदपुर।
5. **श्रवण सोना (23 वर्ष)**, निवासी सिदगोड़ा, जमशेदपुर।
### छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद?……
– **पांच लैपटॉप:** एक HP EliteBook, दो Dell और दो Lenovo।
– **25 मोबाइल फोन:** पांच Apple iPhone, दो OnePlus, सात Vivo, सात Motorola, दो MI/Redmi, एक Oppo और एक Nokia कीपैड फोन।
– **67 सिम कार्ड।**
– **102 एटीएम/डेबिट कार्ड:** विभिन्न बैंकों के।
– **नौ बैंक पासबुक।**
– **नकद 8,440 रुपये।**
– **चार रजिस्टर/नोटबुक:** हिसाब-किताब से संबंधित।
– **नेटवर्क उपकरण:** एक Jio Wi-Fi राउटर, 15 मीटर LAN केबल और छह मोबाइल चार्जर।
– **वाहन:** एक काले रंग की Yamaha R15 मोटरसाइकिल (JH05CJ-7802) और एक अन्य वाहन (JH05DP8099) का ओनर कार्ड।
– **अन्य दस्तावेज:** दो ड्राइविंग लाइसेंस, दो पैन कार्ड, चार आधार कार्ड तथा महाराष्ट्र और जमशेदपुर के पते वाला एक कूरियर लिफाफा।
### कई धाराओं में दर्ज हुआ साइबर अपराध का मामला……
इस कार्रवाई के बाद जमशेदपुर साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 108/2026, दिनांक 30 अक्टूबर 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की विभिन्न धाराओं, ऑनलाइन गेमिंग के संवर्धन अधिनियम-2025, बंगाल जुआ अधिनियम-1957 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2008 की धाराएं लगाई गई हैं।
### संयुक्त टीम ने निभाई अहम भूमिका……
पूरी कार्रवाई में जमशेदपुर साइबर अपराध थाना के थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक श्रीनिवास कुमार, पुलिस निरीक्षक अमित अभिषेक, प्रदीप वर्मा, रामगढ़ साइबर थाना के अनुसंधानकर्ता दिगंबर पांडेय, बिरसानगर थाना प्रभारी मंटू कुमार, रामगढ़ साइबर थाना के रंजीत कुमार यादव तथा बिरसानगर थाना के विष्णु कुमार, लालचंद बेदिया, कमलेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक जयंत भगत और रामगढ़ साइबर थाना के आरक्षी जितेंद्र पासवान शामिल रहे. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहे इस कथित ठगी नेटवर्क के पूरे आर्थिक लेन-देन, फर्जी बैंक खातों और अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाने में जुटी है। बरामद मोबाइल, लैपटॉप और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच से इस नेटवर्क से जुड़े और भी खुलासे होने की संभावना है।



