तेलंगाना : केंद्रीय मंत्री Bandi Sanjay Kumar के बेटे भगीरथ के खिलाफ एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। हालांकि, भगीरथ ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे ब्लैकमेलिंग और राजनीतिक साजिश करार दिया है।



पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय लड़की की मां ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि भगीरथ का उनकी बेटी के साथ प्रेम-संबंध था और इसी दौरान उसने नाबालिग का यौन उत्पीड़न किया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच करीब सात से आठ महीने पहले जान-पहचान हुई थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, हालांकि अब तक नाबालिग छात्रा का बयान दर्ज नहीं किया गया है।
इधर, भगीरथ ने करीमनगर में पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि लड़की और उसके परिवार से उसकी जान-पहचान थी तथा वह उनके साथ पारिवारिक कार्यक्रमों और धार्मिक स्थलों की यात्राओं में शामिल हुआ था। उसने आरोप लगाया कि बाद में लड़की और उसके परिजनों ने उस पर शादी का दबाव बनाया। शादी से इनकार करने पर उसे धमकाया गया और पैसों की मांग की गई।
भगीरथ के अनुसार, डर के कारण उसने लड़की के पिता को 50 हजार रुपये दिए, लेकिन बाद में उससे 5 करोड़ रुपये की मांग की गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर झूठे मामले में फंसाने और आत्महत्या की धमकी दी गई। भगीरथ की शिकायत के आधार पर भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
वहीं, विपक्षी दल Bharat Rashtra Samithi (BRS) ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और मंत्री बंदी संजय कुमार पर निशाना साधा है।
इस पूरे विवाद के बीच बंदी संजय कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में कानून और संविधान का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन बेदाग रहा है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि यह मामला एक राजनीतिक साजिश के तहत सामने लाया गया है, ताकि प्रधानमंत्री Narendra Modi की हैदराबाद में प्रस्तावित जनसभा से पहले उनकी छवि खराब की जा सके। उन्होंने कहा कि “बच्चों और परिवार के सदस्यों को राजनीतिक लड़ाई में घसीटना विरोधियों की हताशा को दर्शाता है।”
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
