रांची : झारखंड सरकार ने इस वर्ष श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ धाम में वीआईपी दर्शन व्यवस्था पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब किसी भी जनप्रतिनिधि, अधिकारी, न्यायिक पदाधिकारी या अन्य विशिष्ट व्यक्ति को विशेष प्रवेश की सुविधा नहीं मिलेगी। सभी श्रद्धालुओं को आम भक्तों की तरह निर्धारित कतार में लगकर ही बाबा के दर्शन करने होंगे।

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव सह गृह सचिव वंदना डाडेल ने बुधवार को मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) के माध्यम से सख्त निर्देश जारी किए हैं। जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि श्रावणी मेले के दौरान किसी भी प्रकार की वीआईपी एंट्री, सिफारिश अथवा विशेष अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सभी श्रद्धालुओं के लिए समान, सुरक्षित और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
गृह विभाग के अनुसार सावन महीने में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ और बासुकीनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में वीआईपी व्यवस्था के कारण आम श्रद्धालुओं को लंबी प्रतीक्षा और असुविधा का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से न केवल श्रद्धालुओं की परेशानी कम होगी, बल्कि भीड़ प्रबंधन भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
सरकार ने इस निर्णय की जानकारी भारत सरकार के कैबिनेट सचिव, सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल तथा देश के सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेज दी है। साथ ही अनुरोध किया गया है कि श्रावणी मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु के लिए वीआईपी दर्शन की सिफारिश या विशेष अनुरोध न भेजा जाए. सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से हर श्रद्धालु को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर मिलेगा और मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा तथा भीड़ नियंत्रण में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
