चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र स्थित भुईयांडीह गांव में संचालित गैलेक्सी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक आदिवासी महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार और गेट से धक्का देकर बाहर निकालने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर आदिवासी जन परिषद की जिला प्रभारी पार्वती किस्कू ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की घोषणा की है।

पार्वती किस्कू ने कहा कि जब तक कंपनी प्रबंधन द्वारा गरीब आदिवासी, दलित और विस्थापित परिवारों के साथ कथित उत्पीड़न बंद नहीं किया जाता तथा भट्टी का संचालन नहीं रोका जाता, तब तक कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव संवैधानिक और कानूनी कदम उठाया जाएगा।
किस्कू ने आरोप लगाया कि गैलेक्सी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में एक आदिवासी महिला के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि घटना के दौरान पूर्व जिला परिषद सदस्य ओम लायक, विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन, कृष्णा कालिंदी, कालिंदी समाज के अध्यक्ष तथा पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधियों समेत कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी महिला के पक्ष में आवाज नहीं उठाई।
उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर कंपनी स्थापित की गई है, वह स्थानीय लोगों के जल, जंगल और जमीन से जुड़ी हुई है। इसके बावजूद क्षेत्र के आदिवासी, दलित और विस्थापित परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन स्थानीय लोगों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है।
पार्वती किस्कू ने बताया कि बीते 16 जून से प्रभावित ग्रामीण न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब तक न तो श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर न्याय मिला है और न ही वायु प्रदूषण की समस्या से राहत। साथ ही जमीन दाताओं को उनके अधिकार और उचित हक मिलने की मांग भी लगातार उठाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जब तक इन सभी मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक ग्रामीणों का आंदोलन और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।

