जमशेदपुर : साकची रामलीला मैदान में आयोजित 104वें रामलीला उत्सव में मंगलवार को मुनि वशिष्ठ के अयोध्या आगमन, भगवान श्रीराम-लक्ष्मण के वन गमन और ताड़का वध के प्रसंगों का मंचन किया गया। वृंदावन धाम से आए कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया. ताड़का वध के मंचन के जरिए धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश का संदेश दिया गया। कलाकारों ने गुरुजनों की आज्ञा का पालन, साहस और मर्यादा जैसे आदर्शों को भी प्रस्तुत किया। रामलीला देखने पहुंचे श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
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10 से 20 अक्टूबर तक आयोजन : साकची रामलीला मैदान में चल रहे इस उत्सव में प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
