आदित्यपुर। नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, आदित्यपुर ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने संस्थान को पहले ही प्रयास में पांच चिकित्सा विभागों में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की कुल 20 सीटों की मान्यता प्रदान की है। इस उपलब्धि से संस्थान प्रबंधन में खुशी की लहर है। शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्थान के सचिव मदन मोहन सिंह ने इसे बेहतर आधारभूत संरचना, अनुभवी चिकित्सकों और पूरी टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि सितवांतो देवी महिला कल्याण संस्थान के अधीन संचालित आदित्यपुर मेडिकल कॉलेज ने महज दो वर्षों के भीतर चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। एमबीबीएस की पढ़ाई से शुरुआत करने वाले संस्थान को अब पीजी पाठ्यक्रमों के संचालन की भी अनुमति मिल गई है। एनएमसी से जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, रेडियो डायग्नोसिस, स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा एनेस्थीसियोलॉजी में चार-चार सीटों की स्वीकृति मिली है।
पांच विभागों में चार-चार सीटें, कोल्हान को मिलेगा लाभ……
पीजी की 20 सीटों की मान्यता मिलने से कोल्हान क्षेत्र के मेडिकल विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे। वहीं, अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। संस्थान प्रबंधन के अनुसार, यह उपलब्धि भविष्य में मेडिकल कॉलेज के विस्तार और चिकित्सा सुविधाओं के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बिहटा मेडिकल कॉलेज को भी मिलीं 44 पीजी सीटें…..
मदन मोहन सिंह ने बताया कि समूह के पटना के बिहटा स्थित मेडिकल कॉलेज को भी इस वर्ष पीजी की 44 सीटों की अनुमति मिली है। भविष्य में वहां पीजी सीटों की संख्या बढ़ाकर 118 करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने जमशेदपुर के एमजीएम और मणिपाल मेडिकल कॉलेज की पीजी सीटों का उल्लेख करते हुए कहा कि आदित्यपुर संस्थान की यह उपलब्धि क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।
रांची में 35 एकड़ में बनेगा नया विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज……
संस्थान के सचिव ने समूह की भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि रांची में 35 एकड़ भूमि पर नए विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निर्माण कार्य जारी है। अगले वर्ष विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज शुरू करने का लक्ष्य है, जबकि वर्ष 2028 तक अस्पताल को पूरी तरह संचालित करने की योजना है. उन्होंने कहा कि समूह का उद्देश्य बिहार और झारखंड में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना है, ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये रहे मौजूद…..
इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन मृत्युंजय झा, प्राचार्य डॉ. केएन सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. ए. साहू, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. अभिषेक जायसवाल और डॉ. जयदेव सहित अन्य चिकित्सक एवं संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।




