जमशेदपुर। शहर में लगातार सामने आ रही पारिवारिक हिंसा और हत्या की घटनाओं के बीच सामाजिक कार्यकर्ता ने मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन केंद्र स्थापित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि बढ़ता मानसिक तनाव, अवसाद और सामाजिक दबाव अब केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज और कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।



उन्होंने हाल ही में एग्रिको में हुई ट्रिपल मर्डर की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि टाटा स्टील के एक कर्मचारी द्वारा अपनी पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। इससे पहले कदमा क्षेत्र में भी इसी तरह की दर्दनाक घटना सामने आ चुकी है। दोनों ही मामलों में आरोपी टाटा स्टील के कर्मचारी थे, जो बढ़ते मानसिक दबाव की ओर संकेत करता है।
सौरभ विष्णु ने कहा कि बेरोजगारी, आर्थिक दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और सोशल मीडिया का प्रभाव युवाओं तथा कर्मचारियों को मानसिक रूप से कमजोर बना रहा है। इसके बावजूद शहर में मानसिक तनाव प्रबंधन संस्थान, काउंसलिंग सेंटर और पर्याप्त मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है।
उन्होंने कहा कि विदेशों में मानसिक तनाव प्रबंधन और काउंसलिंग की बेहतर व्यवस्था रहती है, जहां लोग समय रहते विशेषज्ञों की सहायता लेकर तनाव कम कर पाते हैं। लेकिन जमशेदपुर जैसे बड़े औद्योगिक शहर में ऐसी सुविधाओं की कमी चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा, घरेलू विवाद, सड़क झगड़े, आत्महत्या और युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति यह दर्शाती है कि समाज को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होने की आवश्यकता है। समय पर काउंसलिंग और मानसिक सहयोग मिलने से कई घटनाओं को रोका जा सकता है।
सौरभ विष्णु ने प्रशासन, कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों से शहर में आधुनिक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र, हेल्पलाइन और नियमित काउंसलिंग व्यवस्था शुरू करने की मांग की। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और औद्योगिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया, ताकि लोग बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अस्पताल आवश्यक हैं, उसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष संस्थानों की भी जरूरत है। समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में सामाजिक असंतुलन और अपराध की घटनाओं में और वृद्धि हो सकती है।



