चांडिल। नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह, चांडिल के प्रांगण में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे ने ध्वजारोहण कर की। इसके बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर डॉ. जटाशंकर पांडे ने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आजादी अनेक वीरों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। आज के युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे ज्ञान, कौशल और मेहनत के माध्यम से देश के विकास में अपना योगदान दें।

उन्होंने कहा कि आईटीआई के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा हासिल कर आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने हुनर का उपयोग समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, ईमानदारी, मेहनत और राष्ट्रप्रेम को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान डॉ. पांडे ने ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावकों और ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका प्रारंभ से ही प्रयास रहा है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि नारायण प्राइवेट आईटीआई को भविष्य में पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। डॉ. पांडे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराने की है। संस्थान ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य जयदीप पांडेय, एडवोकेट निखिल कुमार, शिक्षक शांति राम महतो, प्रकाश महतो, भगत लाल तेली, देवाशीष मंडल, शशि भूषण महतो, पवन महतो, अजय मंडल, कृष्णा पद महतो, गौरव महतो एवं नियति कोड़ा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, ग्रामवासी और अभिभावक मौजूद रहे।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, शिक्षा के प्रसार तथा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।


























































