जमशेदपुर : मानव सेवा और मानवाधिकार के क्षेत्र में पिछले 16 वर्षों से लगातार कार्य कर रहे सार्क नेशंस इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन एवं इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने भारत सहित विभिन्न देशों में अपनी गतिविधियों का विस्तार किया है। संगठन का उद्देश्य निराश्रित, गरीब, निःसहाय, दिव्यांग एवं समाज के वंचित वर्गों को सहायता उपलब्ध कराते हुए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है. संगठन से जुड़े डॉ. जी. जयरामदास, एडवोकेट, ने बताया कि सार्क नेशंस इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन और इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन पिछले 16 वर्षों से भारत में मानवाधिकार और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं। लंबे समय से किए जा रहे सेवा कार्यों के चलते संगठन ने अब वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान और कार्यक्षेत्र का विस्तार किया है।

थाईलैंड में भी जरूरतमंदों की सेवा……
संगठन की ओर से बताया गया कि थाईलैंड में भी गरीब, निःसहाय, दिव्यांग एवं जरूरतमंद लोगों के बीच सेवा कार्य किए जा रहे हैं। जरूरतमंदों की सहायता के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता फैलाने और मानवाधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य भी लगातार जारी है।
नशामुक्ति, स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष जोर…..
संस्था की गतिविधियां केवल मानवाधिकार तक सीमित नहीं हैं। संगठन की ओर से नशामुक्ति अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में भी विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। संस्था का प्रयास है कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आवश्यक सहायता, शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से सशक्त बनाया जाए।
मानव सेवा ही संगठन की प्राथमिकता : डॉ. जयरामदास…..
डॉ. जी. जयरामदास, नेशनल एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एवं नेशनल डायरेक्टर, आईएचसी, ने कहा कि मानव सेवा संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना, मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूत करना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है. उन्होंने कहा कि पिछले 16 वर्षों से भारत में लगातार किए जा रहे कार्यों के अनुभव को अब व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। संस्था आने वाले समय में भी समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों के हित में सेवा कार्यों को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
