जमशेदपुर/पूर्वी सिंहभूम : झारखंड का पूर्वी सिंहभूम जिला इस समय मलेरिया की गंभीर चपेट में है। संक्रमण की रफ्तार ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार (11 जुलाई 2026) को 110 नए मरीजों की पुष्टि होने के साथ ही, पिछले 14 दिनों में कुल संक्रमितों की संख्या 1,826 के आंकड़े को पार कर गई है।

तेजी से फैल रहा संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में मलेरिया का प्रकोप विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में तेजी से पांव पसार रहा है। केवल शनिवार को मिले 110 मामलों ने प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया है। संक्रमितों में से बड़ी संख्या ब्रेन मलेरिया (Plasmodium falciparum) से ग्रसित है, जो स्वास्थ्य के लिए अधिक जोखिम भरा है।
प्रशासन सख्त, कार्रवाई जारी
बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। संक्रमण रोकने में लापरवाही बरतने के आरोप में अब तक कई अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में:
सघन जांच अभियान: घर-घर जाकर मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
- फॉगिंग और छिड़काव: मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
- निगरानी: जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
डॉक्टरों की सलाह
विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सावधानी बरतें। बुखार, कंपकंपी या सिरदर्द जैसे लक्षण दिखने पर इसे हल्के में न लें और तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जाकर अपनी जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, समय पर इलाज ही मलेरिया से बचाव का एकमात्र उपाय है।
सावधानी ही बचाव है:
- अपने आसपास पानी जमा न होने दें।
- रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
- शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
