जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिला समाहरणालय परिसर में आयोजित एक दिवसीय ‘आम महोत्सव’ में जिले के किसानों की मेहनत रंग लाई। महोत्सव के दौरान जिले के 11 प्रखंडों से आए प्रगतिशील किसानों और JSLPS से जुड़े 4 FPOs (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) द्वारा लाए गए कुल 1,283 किलोग्राम रसीले आमों की सीधी बिक्री की गई। प्रशासन की इस अनूठी पहल से जहां आम जनता को शुद्ध और ताजे आम मिले, वहीं किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य भी प्राप्त हुआ।



मनरेगा (MGNREGA) बागवानी योजना का दिखा सीधा असर
इस महोत्सव में बिकने वाले अधिकांश आम मनरेगा के तहत जिले में चलाई जा रही आम बागवानी योजना का हिस्सा हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को बाजार उपलब्ध कराने और बिचौलियों से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से इस ‘आम महोत्सव’ का आयोजन किया गया था।
ग्राहकों में दिखा भारी उत्साह, हाथों-हाथ बिके आम
सुबह से ही समाहरणालय परिसर में सजे स्टॉलों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बिना किसी हानिकारक केमिकल और कार्बाइड के प्राकृतिक रूप से पकाए गए इन स्थानीय आमों की शुद्धता ने लोगों का दिल जीत लिया। देखते ही देखते कुछ ही घंटों में 1283 किलो आमों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई।
मुख्य बिंदु:
-
- कुल बिक्री: 1,283 किलोग्राम ताजे आम।
- भागीदारी: जिले के सभी 11 प्रखंडों के मेहनती किसान।
- विशेष सहयोग: JSLPS समर्थित 4 FPOs की सक्रिय भूमिका।
- मुख्य उद्देश्य: लोकल किसानों को सीधे बाजार (Direct Market Access) देना।
बड़ी बात: इस आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को सही मंच और बाजार मिले, तो वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं और मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।



