जमशेदपुर। हूल दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) की जमशेदपुर नगर इकाई ने मंगलवार को भुइयाडीह स्थित सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष समर महतो ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं छात्र-छात्राओं ने पुष्प अर्पित कर हूल आंदोलन के महानायकों को नमन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एआईडीएसओ के प्रदेश सचिव सोहन महतो ने कहा कि 30 जून 1855 को भोगनाडीह से सिद्धू-कान्हू के नेतृत्व में शुरू हुआ संथाल हूल अंग्रेजी साम्राज्यवाद, जमींदारी व्यवस्था और महाजनी शोषण के खिलाफ ऐतिहासिक जनविद्रोह था। उन्होंने कहा कि सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो समेत संथाल हूल के सभी शहीदों का संघर्ष आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन उद्देश्यों को लेकर हूल आंदोलन शुरू हुआ था, वे आज भी पूरी तरह पूरे नहीं हो सके हैं। आदिवासियों और मूलवासियों के जल, जंगल और जमीन पर अतिक्रमण तथा उनके अधिकारों के हनन की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने कहा कि संगठन सिद्धू-कान्हू के विचारों को समाज और विशेष रूप से युवाओं तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
सोहन महतो ने झारखंड की शिक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में लागू की जा रही क्लस्टर प्रणाली से विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सीटों की संख्या घटने के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों, खासकर छात्राओं, की परेशानियां बढ़ेंगी। उन्होंने लगातार हो रही प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में असुरक्षा का माहौल बन गया है।
उन्होंने कहा कि व्यवस्था की लापरवाही, भ्रष्टाचार और जनता के अधिकारों के लगातार हो रहे हनन के खिलाफ व्यापक जनसंघर्ष की आवश्यकता है। उन्होंने अन्याय और भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बार फिर मजबूत जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया।कार्यक्रम का संचालन नगर कमेटी सदस्य अपूर्व महतो ने किया। मौके पर प्रदेश सचिव मंडली सदस्य सोनी सेनगुप्ता एवं जूलियस फुचिक, जिला सचिव शुभम कुमार झा, जिला उपाध्यक्ष झरना महतो, नगर अध्यक्षा सबिता सोरेन, नगर सचिव खुदीराम हांसदा, नगर उपाध्यक्ष अमित कुमार, अपूर्व महतो, रोहित कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

