जमशेदपुर : किसी भी अप्रत्याशित आपदा या आपातकालीन स्थिति का सामना करने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। इसी क्रम में 13 जुलाई को शहर में सिविल डिफेंस एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास की तैयारियों को लेकर अधिकारियों ने एक उच्च स्तरीय बैठक की और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

क्या होगा इस मॉक ड्रिल में?
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय सरकारी तंत्र की प्रतिक्रिया (Response Time) और आपसी समन्वय को परखना है। अभ्यास के दौरान निम्नलिखित स्थितियों का सिम्युलेशन (पूर्वाभ्यास) किया जाएगा:
- एयर रेड वार्निंग: सायरन के माध्यम से आपातकालीन संकेत देना।
- ब्लैकआउट: वास्तविक आपदा की स्थिति में बिजली कटौती और सुरक्षा का प्रबंधन।
- सुरक्षित निकासी (Evacuation): भीड़-भाड़ वाले इलाकों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाना।
- सर्च एंड रेस्क्यू एवं मेडिकल रिस्पॉन्स: घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार देकर अस्पतालों तक पहुँचाना।
प्रशासन के कड़े निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान सभी संबंधित विभागों को SOP (Standard Operating Procedure) का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि वे आपसी समन्वय बेहतर रखें ताकि किसी भी वास्तविक स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
नागरिकों से अपील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अभ्यास (Mock Drill) है। मॉक ड्रिल के दौरान सायरन की आवाज सुनाई दे सकती है या कुछ क्षेत्रों में अस्थायी ब्लैकआउट किया जा सकता है, इसलिए नागरिकों से आग्रह है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक (घबराहट) न फैलाएं। यह मॉक ड्रिल शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आपदा प्रबंधन क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
