लेखक सुभाष शाह
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बिन ज्ञान विज्ञान लोहा – गोला कहा?
राम नाम जपना, पराया माल देशी।
महान संस्कृति का आधार कबाड़।
झूठे तैराते पत्थर, लिखकर राम नाम।
हवा – हवाई – ज्ञान – पुष्पक विमान का।
राफेल खरीदते फ्रांस का।
राम बाण समाधान।
फिर मिसाइल किस काम का?
महाभारत का द्रोण महान।
ड्रोन – तकनीक मजबूरी।
अणु – परमाणु किस काम का?
जहां विराजे त्रिनेत्र।
महान संस्कृति धोखा है।
बिन पेंदी लौटा है।
ठोकर खा, धन मन करता जाता है।
ठन मन करकस आवाज।
कान आंख मूंद कर सुर मिलाते विकाश विकाश।
शक्तिमान, विश्वगुरु का।
