जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल में जिला प्रशासन द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में सामने आई अव्यवस्थाओं को लेकर जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने निरीक्षण के लिए एडीसी समेत जिला प्रशासन की पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए इसे मरीजों की समस्याओं को समझने की दिशा में सराहनीय और जरूरी कदम बताया।

सौरभ विष्णु ने कहा कि एमजीएम अस्पताल में हर दिन हजारों गरीब, जरूरतमंद और मध्यमवर्गीय परिवार इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल की बदहाल व्यवस्था चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में वार्डों के एसी बंद मिलना, मरीजों को गंदे पानी की समस्या का सामना करना, साफ-सफाई की खराब स्थिति और समय पर इलाज नहीं मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि कई मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टरों की अनुपस्थिति की शिकायत की है। अधिकांश समय जूनियर डॉक्टरों के भरोसे इलाज चलने के कारण मरीजों को समय पर उचित परामर्श और बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। साथ ही इलाज में देरी की समस्या भी लगातार बनी हुई है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
सौरभ विष्णु ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के पास निजी अस्पतालों में इलाज कराने का विकल्प नहीं होता, ऐसे में सरकारी अस्पतालों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने एडीसी और प्रशासनिक टीम के औचक निरीक्षण की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई अस्पताल प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराती है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जाए। केवल एक दिन के निरीक्षण से हालात नहीं बदलेंगे, बल्कि नियमित मॉनिटरिंग और समय-समय पर औचक जांच जरूरी है, ताकि लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो सके और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
सौरभ विष्णु ने कहा कि अस्पताल में आने वाला हर मरीज सम्मानजनक और बेहतर इलाज का हकदार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन की सख्ती, लगातार निगरानी और जवाबदेही तय होने से एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था में जल्द सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
