झारखंड : रामगढ़ जिले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हेंदेगिर और कोले रेलवे स्टेशन के बीच हुई सेंसर चोरी मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने भारी मात्रा में चोरी की गई रेल संपत्ति को ईचापीरी गांव के एक तालाब के किनारे से बरामद किया है।
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मामले की मुख्य बातें :
- बरामदगी : RPF, CIB और स्थानीय पुलिस की संयुक्त छापेमारी में तालाब के पास से 08 ट्रैक सेंसर, 02 डिफलेक्टर सेट, 09 पेंड्रोल क्लिप, और लगभग 30 फीट केबल बरामद की गई है।
- मुख्य आरोपी फरार : छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी गुड्डू मलिक जंगल और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
- पहली गिरफ्तारी : इस मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी राजेंद्र कुमार महतो (निवासी हजारीबाग) को गिरफ्तार कर चुकी है। उसकी निशानदेही और रिमांड पर दी गई जानकारी के आधार पर ही तालाब के पास छिपाई गई संपत्ति तक पहुँचा जा सका।
- घटना का असर : यह चोरी 10-11 अप्रैल की रात हुई थी, जिससे रेलवे को करीब 1.80 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ था। इसके अलावा, सेंसर गायब होने से रेल परिचालन की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
अब तक की जांच में खुलासा:
- तकनीकी साक्ष्य: धनबाद मंडल के वरीय सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर जांच टीम ने डंप डेटा और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया, जिससे आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की गई।
- जब्त सामग्री: पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की गई एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (JH 02R 8272), रिंच और कटर भी जब्त किए हैं।
- सुरक्षा चिंता: रेलवे ट्रैक सेंसर ट्रेनों के सुरक्षित संचालन और निगरानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। RPF ने आश्वासन दिया है कि फरार आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
