रजरप्पा / रांची : झारखंड की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर उन्हें सही अवसर और हौसला मिले, तो वे दुनिया बदल सकती हैं। राज्य के रजरप्पा की रहने वाली 21 वर्षीय श्रेया पंडा ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिससे न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। श्रेया ने पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित एक ह्यूमनॉइड (मानव जैसा) रोबोट विकसित किया है, जिसे ‘SIENA’ नाम दिया गया है।



शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाएगा ‘SIENA’
श्रेया पंडा द्वारा तैयार किया गया यह रोबोट विशेष रूप से देश की शिक्षा व्यवस्था और स्कूली बच्चों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। आज के डिजिटल युग में जहाँ बच्चे थ्योरी रटने पर मजबूर हैं, वहीं ‘SIENA’ रोबोट बच्चों को निम्नलिखित आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) जानकारी देगा:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- एडवांस रोबोटिक्स
- कोडिंग और प्रोग्रामिंग
‘मेक इन इंडिया’ को मिली नई ताकत
सीमित संसाधनों के बीच एक छोटे से क्षेत्र से निकलकर 21 साल की उम्र में ऐसा एडवांस रोबोट तैयार करना विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक मिसाल है। श्रेया का यह नवाचार (Innovation) भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करता है।
शाबाश श्रेया! युवाओं और बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
श्रेया की इस अद्भुत सफलता ने राज्य के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा का एक नया अध्याय लिख दिया है। सोशल मीडिया से लेकर हर मंच पर श्रेया की इस उपलब्धि की जमकर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि श्रेया ने यह साबित कर दिया है कि बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए बड़े शहरों की नहीं, बल्कि बड़े इरादों की जरूरत होती है।



