रांची : झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा इलाके का एक मामला इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर ने पुलिस महकमे की कार्यशैली और ट्रैफिक नियमों के पालन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
वायरल दावे के अनुसार, रांची के धुर्वा इलाके में बाइक पर पीछे बैठे एक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के नजर आ रहे हैं। आरोप है कि ट्रैफिक चौराहे या कैमरे के पास से गुजरने के दौरान चालान (फाइन) से बचने के लिए बड़ी चालाकी से बाइक की नंबर प्लेट को रुमाल से ढक दिया गया, ताकि वाहन की पहचान छिपाई जा सके। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि कैसे वर्दी में मौजूद जवान नंबर प्लेट पर हाथ रखकर उसे छुपाने की कोशिश कर रहा है।
जिम्मेदारी और दोहरे मापदंड पर सवाल
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब आम नागरिकों के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है और जरा सी चूक पर भारी-भरकम चालान काटे जाते हैं। जनता का सवाल है कि जब आम जनता के लिए नियम इतने सख्त हैं, तो क्या खाकी पहनने वालों पर ये नियम लागू नहीं होते? नियमों का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस से यह अपेक्षा की जाती है कि वे खुद नियमों का पालन कर समाज के सामने एक मिसाल पेश करें। यदि रक्षक ही खुद नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आएंगे, तो आम आदमी के मन में कानून के प्रति क्या संदेश जाएगा?
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
हालांकि, इस वायरल दावे की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में संबंधित पुलिसकर्मी या विभाग का कोई आधिकारिक पक्ष सामने आया है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल इस तस्वीर के बाद लोगों में रोष है। जनता और जागरूक नागरिकों की मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमों को ताक पर रखने वाले इन लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त से सख्त उचित कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कानून की नजर में सब बराबर हैं और ‘वर्दी’ को नियमों के उल्लंघन का ढाल नहीं बनाया जा सकता।
