जमशेदपुर : परसुडीह थाना क्षेत्र स्थित श्यामा प्रसाद इंटर कॉलेज में एक 12वीं के छात्र द्वारा देसी कट्टा और जिंदा कारतूस लेकर कॉलेज पहुंचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना 19 जून की बताई जा रही है, लेकिन शुक्रवार को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। घटना ने कॉलेज प्रशासन, अभिभावकों और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है. वायरल वीडियो में छात्र क्लासरूम के भीतर अपने बैग से देसी कट्टा निकालकर अन्य छात्रों को दिखाते हुए नजर आ रहा है। इस दौरान मौजूद एक छात्र ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में कुल तीन छात्र दिखाई दे रहे हैं, जिनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

मामले के सामने आने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने तत्काल जांच शुरू की। कॉलेज के प्राचार्य एस.सी. महतो ने पुष्टि की कि वायरल वीडियो श्यामा प्रसाद इंटर कॉलेज का ही है। उन्होंने कहा कि हथियार लेकर कॉलेज आने वाले छात्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा उसे निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पूछताछ के दौरान छात्र ने स्वीकार किया कि वह कॉलेज परिसर में अपना दबदबा और वर्चस्व स्थापित करने के उद्देश्य से कट्टा लेकर आया था। छात्र ने बताया कि कुछ दिन पहले छात्रों के बीच मारपीट की घटना हुई थी, जिसके बाद उसने हथियार लेकर कॉलेज आने का फैसला किया। उसने यह भी खुलासा किया कि देसी कट्टा उसे उसके एक साथी द्वारा उपलब्ध कराया गया था।
गौरतलब है कि शुरुआती दौर में कॉलेज प्रबंधन ने वायरल वीडियो को कॉलेज का होने से इनकार किया था, लेकिन जांच के दौरान वीडियो की सत्यता सामने आने के बाद प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा. घटना के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर एक छात्र हथियार और कारतूस लेकर कॉलेज परिसर में कैसे प्रवेश कर गया और किसी को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।
इधर, परसुडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कॉलेज प्रबंधन से आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है और वीडियो में दिखाई दे रहे छात्र की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह घटना न केवल शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि छात्रों के बीच बढ़ती आपराधिक मानसिकता और हथियारों की आसान उपलब्धता को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।

