जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया (मस्तिष्क ज्वर) का प्रकोप लगातार भयावह होता जा रहा है। पिछले दो दिनों के भीतर तीन स्कूली बच्चों की मौत से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। शुक्रवार को कंदर गांव की आठ वर्षीय छात्रा सुबोला सरदार की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (केजीबीवी) की छात्राओं तथा एक नौ माह की सबर बच्ची सहित कुल नौ नए मरीजों में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

गौरतलब है कि गुरुवार को पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, पोटका की सातवीं कक्षा की छात्रा लख्खी सरदार (सानग्राम निवासी) तथा दौड़दोड़िया गांव के आठ वर्षीय छात्र राहुल सरदार की मौत हो गई थी। इन दोनों मौतों के सदमे से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार को कंदर गांव की छात्रा सुबोला सरदार ने भी दम तोड़ दिया।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबोला की एक वर्षीय बहन खुशबू सरदार की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है। उसका इलाज हाता स्थित तारा सेवा सदन में चल रहा है, जहां चिकित्सक उसे बचाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
इधर, शुक्रवार को पोटका स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की तीन और छात्राओं में तेज बुखार की शिकायत के बाद जांच कराई गई, जिसमें ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई। सभी छात्राओं को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा अन्य मरीजों की भी पहचान कर उनका उपचार शुरू कर दिया गया है।
लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित गांवों और विद्यालयों में विशेष स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया गया है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं तथा दवा का छिड़काव एवं अन्य आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
ब्रेन मलेरिया से लगातार हो रही मासूमों की मौत ने पूरे पोटका क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रभावित इलाकों में तत्काल व्यापक स्वास्थ्य शिविर लगाने, दवा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा मच्छरों की रोकथाम के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है।

