जमशेदपुर : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में फाउंड्री से निकलने वाले कचरे और जले बालू को कथित तौर पर बगल के खाली प्लॉट में खुलेआम डंप किए जाने का मामला सामने आया है। इससे आसपास के इलाके में प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

बताया जाता है कि फाउंड्री से निकलने वाला जला हुआ बालू खुले में पड़ा रहने के कारण हवा के साथ चारों ओर उड़ता है। यही नहीं, जेसीबी से इस अवशेष को उठाकर ले जाने के दौरान जमीन के नीचे बिछी PHED की पानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की बात भी सामने आई है। पाइप फटने से पानी की बर्बादी के साथ सड़क पर जलजमाव और आवागमन में परेशानी पैदा होती है।
खाली प्लॉट किसकी जागीर? निगरानी तंत्र पर भी सवाल….
स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहा है कि आखिर जिस खाली प्लॉट का इस्तेमाल कथित तौर पर औद्योगिक कचरा फेंकने के लिए किया जा रहा है, उस पर जिम्मेदार विभागों की नजर क्यों नहीं है? जियाडा और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. औद्योगिक विकास के नाम पर यदि कचरा खुले में डंप होता रहा और उस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा असर पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर पड़ना तय है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले का संज्ञान लेते हैं या फिर फाइलों और दावों तक ही कार्रवाई सीमित रहती है।
सवाल बड़ा है—औद्योगिक कचरे के नाम पर पर्यावरण से खिलवाड़ कब तक?
