नई दिल्ली। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के पिछड़ने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। चुनावी नतीजों के बीच ट्रंप ने एक ओर दावा किया कि यदि उनका नाम भी चुनावी बैलेट पर होता तो रिपब्लिकन पार्टी भारी अंतर से जीत दर्ज करती। वहीं, दूसरी ओर उन्होंने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जाहिर की है। ट्रंप के इन दो अलग-अलग बयानों ने अमेरिकी राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
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ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह खुद चुनावी मैदान में नहीं थे। यदि उनका नाम भी बैलेट पर होता तो उनकी पार्टी बड़े अंतर से जीत हासिल करती। उन्होंने अपने बयान में ‘इन अ लैंडस्लाइड’ यानी भारी बहुमत से जीत का दावा किया। हालांकि, अपने इस पोस्ट में उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के पिछड़ने के कारणों पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की।
दूसरी ओर, मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप का रुख कुछ नरम नजर आया। उनसे जब पूछा गया कि क्या वह मिडटर्म चुनाव के नतीजों को स्वीकार करेंगे, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह चुनाव परिणामों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने विपक्षी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई. ट्रंप ने कहा कि यदि विपक्षी पार्टी चुनाव में जीत हासिल करती है, तब भी उनकी सरकार उनके साथ काम करने की उम्मीद रखेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों पक्ष मिलकर किसी न किसी रास्ते पर पहुंच सकते हैं। ट्रंप के इस बयान को अमेरिकी राजनीति में संभावित सहयोग के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
मिडटर्म चुनाव क्यों है अहम?…….
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद मिडटर्म चुनाव कराए जाते हैं। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर मतदान होता है। इन चुनावों के परिणाम यह तय करते हैं कि अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में किस राजनीतिक दल का दबदबा रहेगा।
यदि डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लेती है तो ट्रंप प्रशासन के सामने राजनीतिक और संसदीय चुनौतियां बढ़ सकती हैं। विपक्ष को विभिन्न संसदीय समितियों का नियंत्रण मिल सकता है, जिसके जरिए सरकार के फैसलों की जांच, अधिकारियों से पूछताछ और सरकारी दस्तावेजों की मांग की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर समन भी जारी किए जा सकते हैं. ऐसे में मिडटर्म चुनाव के नतीजे केवल रिपब्लिकन पार्टी की राजनीतिक स्थिति ही नहीं, बल्कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगामी कार्यकाल की दिशा भी तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फिलहाल ट्रंप के बयानों से साफ है कि वह एक तरफ अपनी पार्टी की संभावित जीत का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष के साथ काम करने का रास्ता भी खुला रखना चाहते हैं।



