जमशेदपुर। शहर में घायल व बेसहारा पशुओं की सेवा में एक दशक से जुटे जन सेवा संघ ट्रस्ट ने सरकारी उदासीनता पर सवाल उठाते हुए शेल्टर के लिए जमीन आवंटन की मांग तेज कर दी है। ट्रस्ट का कहना है कि कई बार आवेदन, जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा और अधिकारियों की सहमति के बावजूद अब तक उन्हें स्थायी स्थान नहीं मिल पाया है।



ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अनुसार वर्ष 2016 से जमशेदपुर, आदित्यपुर, कांड्रा और घाटशिला क्षेत्र में हर साल 400 से 500 से अधिक घायल पशुओं का नि:शुल्क रेस्क्यू, उपचार और पुनर्वास किया जा रहा है। वर्ष 2018 से वे JNAC के लिए अनौपचारिक एम्बुलेंस सेवा की तरह भी कार्य कर रहे हैं और सूचना मिलने पर दिन-रात मौके पर पहुंचकर पशुओं का इलाज करते हैं।
ट्रस्ट ने सिदगोड़ा सूर्य मंदिर के पीछे स्थित जेएनएसी के डॉग सेंटर परिसर को आवंटित करने की मांग को लेकर कई बार आवेदन दिया है। हाल ही में 16 अप्रैल 2026 को भी विस्तृत प्रस्ताव के साथ आवेदन जमा किया गया। वहीं पूर्णिमा दास साहू ने भी उपायुक्त और जेएनएसी को पत्र लिखकर बिरसा मुंडा टाउन हॉल के पास स्थित डॉग कैनल परिसर ट्रस्ट को हस्तांतरित करने की अनुशंसा की है।
ट्रस्ट का दावा है कि उप नगर आयुक्त स्तर पर सहमति बनने के बावजूद कुछ अधिकारियों की आपत्तियों के कारण मामला लंबित है। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि शेल्टर मिलने पर दवा, भोजन, स्टाफ, बिजली व रखरखाव सहित सभी खर्च वह स्वयं वहन करेगा और जेएनएसी पर किसी प्रकार का वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। साथ ही आवारा कुत्तों के नसबंदी व एंटी-रेबीज टीकाकरण का कार्य भी अपने स्तर से करने की बात कही गई है।
फिलहाल स्थायी शेल्टर के अभाव में गंभीर रूप से घायल पशुओं का ऑपरेशन और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल प्रभावित हो रही है। सड़क पर इलाज के दौरान संक्रमण और जान का खतरा बना रहता है, जबकि बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. ट्रस्ट ने सवाल उठाया है कि जब डॉग सेंटर खाली पड़ा है, जनप्रतिनिधि की अनुशंसा भी है और ट्रस्ट स्वयं सभी खर्च उठाने को तैयार है, तो आखिर आवंटन में देरी क्यों हो रही है।
मीडिया के माध्यम से ट्रस्ट ने राज्य सरकार, उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम और जेएनएसी प्रशासन से सात दिनों के भीतर जमीन आवंटन की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा में सकारात्मक पहल नहीं होने पर ट्रस्ट शहर के पशु प्रेमियों के साथ जेएनएसी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
