जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम के घाघीडीह केंद्रीय कारा में सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। चर्चित कन्हैया यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी रजा आलम से मुलाकात करने पहुंची उसकी मां फरीदा बेगम द्वारा कथित रूप से जेल परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाकर वीडियो बनाने का मामला उजागर होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया है, जबकि महिला के खिलाफ परसुडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

जानकारी के अनुसार, फरीदा बेगम मुलाकात के लिए घाघीडीह केंद्रीय कारा पहुंची थीं। आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा जांच के बावजूद मोबाइल फोन को जेल परिसर के अंदर पहुंचाने में सफलता हासिल की और मुलाकाती कक्ष सहित जेल परिसर का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
वीडियो वायरल होते ही हुई कार्रवाई……
मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल अधीक्षक अजय प्रजापति ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान वायरल वीडियो और उसमें सुनाई दे रही आवाज का मिलान किया गया, जिसके बाद घटना की पुष्टि हुई। इसके बाद ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एक महिला होमगार्ड और दो कक्षपालों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही फरीदा बेगम के खिलाफ परसुडीह थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
वायरल वीडियो में दिखे कई चर्चित आरोपी……
सूत्रों के अनुसार वायरल वीडियो में रजा आलम के अलावा शहर के कई चर्चित आपराधिक मामलों के आरोपी भी दिखाई दे रहे हैं। इनमें रंगदारी और फायरिंग मामलों के आरोपी विक्की कुंडी तथा गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी अमन शेखर समेत अन्य बंदी शामिल बताए जा रहे हैं। वीडियो के सार्वजनिक होने से जेल की आंतरिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
मिलीभगत के एंगल पर भी जांच……
पुलिस और जेल प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मोबाइल फोन जेल परिसर के भीतर कैसे पहुंचा। जांच का फोकस इस संभावना पर भी है कि कहीं किसी जेलकर्मी की मिलीभगत तो नहीं थी। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मुलाकात व्यवस्था और सुरक्षा जांच प्रक्रिया की समीक्षा शुरू कर दी है. जेल प्रशासन का कहना है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाया जाएगा।
