रावलकोट (पीओके): पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट में रविवार को प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षाबलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान बिना चेतावनी गोलीबारी की, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

जानकारी के अनुसार, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ वार्ता विफल होने के बाद पीओके में लॉन्ग मार्च का आह्वान किया था। संगठन ने पहले ही घोषणा की थी कि 26 जुलाई को मीरपुर डिवीजन से मार्च शुरू होगा और 27 जुलाई को मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ने से पहले सभी कारवां रावलकोट में एकत्र होंगे। इस आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग रावलकोट पहुंचे और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना ने लॉन्ग मार्च को रोकने का प्रयास किया। जब लोग आगे बढ़ने लगे तो सुरक्षाबलों ने कथित तौर पर बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, गोलीबारी में कई लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए हैं। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तान ने पूरे क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। बताया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए करीब 8,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही पूरे पीओके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं तथा मोबाइल नेटवर्क भी सीमित कर दिए गए हैं। पीओके के बाहर फोन कॉल करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है और केवल विशेष अनुमति प्राप्त लोगों को ही इसकी छूट दी जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षाबल आम नागरिकों की आवाजाही पर भी कड़ी निगरानी रख रहे हैं, जिसके कारण क्षेत्र की वास्तविक स्थिति की जानकारी बाहर आने में कठिनाई हो रही है।
