झारखंड के फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा फैसला, 2026-27 सीजन से नहीं खेलेगा जेएफसी, नौ साल बाद क्लब का संचालन बंद
जमशेदपुर : झारखंड, विशेषकर जमशेदपुर के फुटबॉल प्रेमियों के लिए बेहद निराशाजनक खबर है। भारतीय फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बना चुके जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) का सफर अब थमता नजर आ रहा है। टाटा स्टील ने क्लब के संचालन को बंद करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही जेएफसी 2026-27 सीजन से इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) समेत किसी भी शीर्ष घरेलू प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेगा। इस निर्णय की आधिकारिक जानकारी अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को भी दे दी गई है।

वर्ष 2017 में टाटा स्टील ने भारतीय फुटबॉल को नई दिशा देने और झारखंड की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जेएफसी की स्थापना की थी। महज नौ वर्षों में क्लब ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और देश के सबसे सफल फुटबॉल क्लबों में अपनी जगह बनाई। लेकिन अब टाटा स्टील की तिमाही समीक्षा बैठक के बाद क्लब को बंद करने का निर्णय ले लिया गया है।
डुरंड कप तक रहेगा टीम का सफर……
हालांकि, रांची में जारी डुरंड कप के शेष मुकाबलों में जेएफसी की टीम मैदान पर उतरेगी। इसके बाद क्लब की पेशेवर फुटबॉल गतिविधियां पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी। क्लब के बंद होने का असर खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और करीब 50 से 55 कर्मचारियों पर भी पड़ेगा। फैसले के बाद कर्मचारियों और फुटबॉल प्रेमियों में मायूसी का माहौल है।
आईएसएल से हटने के पीछे क्या हैं कारण……
सूत्रों के अनुसार, आईएसएल के लिए निर्धारित 55 लाख रुपये की फ्रेंचाइजी फीस तय समय पर जमा नहीं की गई। क्लब ने फीस जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन इसी बीच टाटा स्टील प्रबंधन ने क्लब का संचालन बंद करने का अंतिम निर्णय ले लिया। इसके अलावा लीग के नए व्यावसायिक ढांचे और संचालन व्यवस्था को लेकर भी क्लब की असहमति सामने आई है. बताया जा रहा है कि क्लब के संचालन पर हर वर्ष 70 से 80 करोड़ रुपये तक का खर्च आ रहा था। बढ़ते वित्तीय बोझ को देखते हुए कंपनी ने यह बड़ा फैसला लिया।
ग्रासरूट फुटबॉल पर रहेगा फोकस……
जेएफसी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि भले ही क्लब आईएसएल में हिस्सा नहीं लेगा, लेकिन भारतीय फुटबॉल और ग्रासरूट स्तर पर खिलाड़ियों के विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता बनी रहेगी। भविष्य में क्लब युवा प्रतिभाओं को तैयार करने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में कार्य करता रहेगा।
नौ साल में हासिल की कई बड़ी उपलब्धियां……
2017 में जमशेदपुर फुटबॉल क्लब की स्थापना।
2021-22 आईएसएल सीजन में लीग शील्ड पर कब्जा।
2024-25 सुपर कप का उपविजेता बना।
आईएसएल बेस्ट ग्रासरूट प्रोग्राम का सम्मान प्राप्त।
जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को देश की बेस्ट पिच का पुरस्कार मिला।
फुटबॉल जगत को बड़ा झटका…….
जेएफसी का आईएसएल से बाहर होना केवल एक क्लब का बंद होना नहीं, बल्कि झारखंड के फुटबॉल के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पिछले नौ वर्षों में इस क्लब ने राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब इस फैसले के बाद झारखंड के फुटबॉल के भविष्य को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
