छात्रू क्षेत्र से दबोचा गया आरोपी, सैफुल्लाह ग्रुप को रसद और स्थानीय सहयोग देने का आरोप
जम्मू : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े सैफुल्लाह ग्रुप के कथित स्थानीय सहयोगी मोहम्मद रफीक नाइक को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी पर आतंकियों को रसद, स्थानीय सहयोग तथा अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस इस कार्रवाई को आतंकी सहायता तंत्र को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नरेश सिंह ने बताया कि मोहम्मद रफीक नाइक को किश्तवाड़ के छात्रू क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से सैफुल्लाह ग्रुप के लिए स्थानीय संपर्क सूत्र के रूप में कार्य कर रहा था और क्षेत्र में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में उसकी भूमिका रही है. पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके माध्यम से आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
सैफुल्लाह ग्रुप के सभी सात आतंकी मारे जा चुके……
पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सैफुल्लाह ग्रुप के सभी सात आतंकी अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराए जा चुके हैं। इनमें चार आतंकी पिछले वर्ष हुई कार्रवाई में ढेर किए गए थे, जबकि इस वर्ष फरवरी में हुई मुठभेड़ों में स्वयंभू कमांडर सैफुल्लाह सहित ग्रुप के अंतिम तीन आतंकियों को भी सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां उन स्थानीय लोगों की पहचान कर रही हैं, जिन्होंने आतंकियों को किसी भी रूप में सहयोग प्रदान किया था।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां……
इस मामले में पुलिस इससे पहले छात्रू निवासी मुनीर अहमद और मशकूर अहमद को भी गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों पर भी आतंकियों की सहायता करने के आरोप हैं। मोहम्मद रफीक नाइक की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और विस्तृत कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि आतंकी सहायता नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे पूरी तरह ध्वस्त करना है, ताकि भविष्य में किसी भी आतंकी गतिविधि को पनपने से रोका जा सके।

