राजधनवार/जमुआ/खोरीमहुआ : अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धनवार थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित यूको बैंक की शाखा में पांच हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े डकैती की वारदात को अंजाम दे दिया। गुरुवार दोपहर करीब 1:40 बजे बैंक में दाखिल हुए अपराधियों ने महज 18 मिनट के भीतर 8 से 10 लाख रुपये नकद और करीब 3 से 4 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के जेवरात लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी दो बाइक से 1:58 बजे फरार हो गए।
अपराधियों ने बैंक मैनेजर राहुल कुमार गोंड, कर्मचारियों और दो ग्राहकों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। सभी के हाथ पीछे बांध दिए गए और मुंह पर टेप चिपका दिया गया, ताकि कोई शोर न मचा सके और मदद के लिए बाहर सूचना न दे सके। विरोध करने पर एक ग्राहक महताब आलम के गले पर पिस्तौल के बट से वार कर उसे घायल कर दिया गया। इधर, घटना के बाद अपराधियों की तलाश में जुटी पुलिस को जमुआ में सफलता मिलने की सूचना है। पुलिस ने कई किलोमीटर तक पीछा करने के बाद एक संदिग्ध बाइक सवार को पकड़ा है। उसके पास से बाइक और पिस्तौल मिलने की चर्चा है। हालांकि, पुलिस ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ग्राहक बनकर बैंक में घुसे, हथियार निकालते ही मच गया हड़कंप……..
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पांचों अपराधी पल्सर और अपाचे बाइक से बैंक पहुंचे थे। इनमें दो ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि तीन ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था। सबसे पहले एक अपराधी हेलमेट पहनकर बैंक में दाखिल हुआ। इसके बाद अन्य चार अपराधी भी ग्राहक बनकर बारी-बारी से बैंक के अंदर पहुंचे। बैंक में प्रवेश करते ही सभी ने हथियार निकाल लिए और वहां मौजूद लोगों को अपने कब्जे में ले लिया। अचानक हथियारबंद अपराधियों को सामने देखकर बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। किसी को संभलने या विरोध करने का मौका तक नहीं मिला।
सीसीटीवी कनेक्शन काटा, डीवीआर निकाला और लॉकर तोड़कर समेट लिया सोना……..
डकैतों ने वारदात को अंजाम देने से पहले बैंक में मौजूद लोगों को पूरी तरह बेबस कर दिया। मैनेजर, कर्मचारियों और ग्राहकों के हाथ पीछे बांध दिए गए तथा उनके मुंह पर सेलोटेप चिपका दिया गया। इसके बाद अपराधियों ने सीसीटीवी का कनेक्शन काटा और डीवीआर भी निकाल लिया। फिर लॉकर का ताला तोड़कर उसमें रखे सोने के जेवरात और नकदी को बैग में भर लिया. लूटपाट पूरी करने के बाद अपराधियों ने बैंक के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा दिया और उसकी चाबी अंदर फेंक दी। इसके बाद दोनों बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। थाना से चंद कदमों की दूरी पर हुई इस वारदात ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
### 18 मिनट में ऐसे दिया वारदात को अंजाम……..
– 1:40 बजे: पल्सर और अपाचे बाइक से पहुंचे पांच अपराधी ग्राहक बनकर बैंक में दाखिल हुए।
– 1:42 बजे: हथियार दिखाकर मैनेजर, कर्मचारियों और दो ग्राहकों को कब्जे में लिया। विरोध करने पर महताब आलम के गले पर पिस्तौल के बट से हमला किया।
– 1:45 बजे: सभी के हाथ पीछे बांधे और मुंह पर सेलोटेप चिपका दिया।
– 1:48 बजे: सीसीटीवी का कनेक्शन काटा, डीवीआर निकाला और लॉकर तोड़कर सोना व नकदी बैग में भरी।
– **1:58 बजे:** बैंक के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगाया, चाबी अंदर फेंकी और दोनों बाइक से फरार हो गए।
### पांच हजार जमा करने आए अरविंद, 20 हजार जमा करने पहुंचे महताब भी बने बंधक………
वारदात के समय बैंक में दो ग्राहक पैसे जमा करने पहुंचे थे। चन्दरखो निवासी अरविंद कुमार यादव पांच हजार रुपये जमा करने आए थे। वहीं, दुलहों निवासी महताब आलम 20 हजार रुपये जमा करने बैंक पहुंचे थे। अपराधियों ने दोनों को भी हथियार दिखाकर अपने कब्जे में ले लिया। महताब आलम ने विरोध करने की कोशिश की तो अपराधियों ने उनके गले पर पिस्तौल के बट से वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गए।
### जमुआ में पुलिस की घेराबंदी, कई किलोमीटर पीछा कर संदिग्ध को दबोचा…..
धनवार में बैंक डकैती की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अपराधियों की धरपकड़ के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाई गई। इसी दौरान जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव पुलिस बल के साथ अपराधियों की तलाश में जुट गए।
बताया जाता है कि जमुआ-द्वारपहरी मुख्य मार्ग पर बरदबटिया के पास पुलिस को एक संदिग्ध बाइक सवार दिखाई दिया। पुलिस ने उसका पीछा शुरू किया। कई किलोमीटर तक पीछा करने के दौरान पुलिस वाहन की बाइक से पीछे से टक्कर लग गई, जिससे बाइक सवार सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद वह बाइक और पिस्तौल छोड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया. पुलिस ने मौके से बाइक (जेएच 02 बीई 6937) अपने कब्जे में ले ली है। हालांकि, पकड़े गए व्यक्ति की पहचान और धनवार बैंक डकैती में उसकी संलिप्तता को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पकड़ा गया संदिग्ध इस बड़ी वारदात में शामिल था या नहीं।
### बैंक में सुरक्षा गार्ड तक नहीं, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल……..
इस पूरी वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धनवार थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित बैंक में घटना के वक्त कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। पांच हथियारबंद अपराधी ग्राहक बनकर बैंक में दाखिल हुए और करीब 18 मिनट तक बेखौफ लूटपाट करते रहे। बैंक मैनेजर, कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाया गया, लेकिन उन्हें रोकने या चुनौती देने के लिए मौके पर कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था. बैंक जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं होना अब गंभीर सवालों के घेरे में है। आखिर इतनी बड़ी बैंक शाखा की सुरक्षा व्यवस्था किसके भरोसे थी? थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर अपराधियों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया और किसी को भनक तक नहीं लगी।
### गिरिडीह एसपी ने किया बैंक का निरीक्षण, कई टीमें छापेमारी में जुटीं……..
घटना की जानकारी मिलने के बाद गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार बैंक पहुंचे। उन्होंने शाखा का निरीक्षण किया और बैंक प्रबंधन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ ही जांच की प्रगति की समीक्षा भी की. एसपी ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं। जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं। बैंक प्रबंधन से कुछ जरूरी दस्तावेज और जानकारियां मिलनी बाकी हैं। इनके प्राप्त होने के बाद जांच में और तेजी आएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार करेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बैंक थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर है, तो अपराधियों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने की हिम्मत कैसे जुटाई? क्या बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक हुई या अपराधियों ने पहले से पूरी रेकी कर इस लूट की पटकथा तैयार की थी? पुलिस जांच के साथ इन सवालों के जवाब का इंतजार है।




