सप्लाई और ट्रांसपोर्टिंग के मुद्दे पर तीन गुट आमने-सामने, रोजगार और पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल
दीनबंधु की रिपोर्ट
सरायकेला : नीमडीह थाना क्षेत्र के आदरडीह में प्रस्तावित एसएम स्टील एंड पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। निर्माण सामग्री की सप्लाई और ट्रांसपोर्टिंग के मुद्दे पर गांव तीन गुटों में बंट गया है, जिससे क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी ठेकेदारों और कथित जमीन दलालों की सक्रियता के कारण स्थानीय लोगों के हित प्रभावित हो रहे हैं।

इधर, प्लांट को लेकर चल रहे विवाद के बीच कथित “गोली-बंदूक” संबंधी चर्चाओं ने भी क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। पूर्व विधायक प्रत्याशी सुखराम हेंब्रम के कथित बयान “सेंद्रा करेंगे, किसी को बख्शा नहीं जाएगा” को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं, कई समाजसेवियों ने प्रशासन से समय रहते हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा है कि यदि स्थिति पर शीघ्र नियंत्रण नहीं किया गया तो कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
बालू-गिट्टी सप्लाई में अनियमितता का आरोप…..
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट निर्माण में बालू, गिट्टी एवं अन्य निर्माण सामग्री की सप्लाई में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों से बालू कम कीमत पर खरीदकर अधिक दर पर आपूर्ति की जा रही है, जिससे बीच का लाभ कथित बिचौलियों को मिल रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर बालू लगभग 3000 रुपये प्रति ट्रैक्टर खरीदी जा रही है, जबकि वही सामग्री करीब 4500 रुपये प्रति ट्रैक्टर की दर से प्लांट तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने इस मूल्य अंतर की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बाहरी ठेकेदारों के बढ़ते प्रभाव पर नाराजगी……
ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट निर्माण कार्य में बाहरी ठेकेदारों, विशेषकर पश्चिम बंगाल से जुड़े लोगों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। उनका आरोप है कि पहले जमीन अधिग्रहण में सक्रिय रहे कुछ लोग अब ठेकेदारी से जुड़े हैं, जिससे स्थानीय जमीन दाताओं और युवाओं को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं. ग्रामीणों ने कहा कि जमीन देने के बावजूद रोजगार, स्वरोजगार और सप्लाई कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
तीन गुटों में बंटे ग्रामीण…..
सप्लाई और ट्रांसपोर्टिंग के मुद्दे पर गांव में तीन अलग-अलग गुट सक्रिय हो गए हैं। एक गुट कंपनी से जुड़े बाहरी लोगों के पक्ष में बताया जा रहा है, दूसरा गुट स्थानीय ठेकेदार राजीव कुमार राम के समर्थन में है, जबकि तीसरा गुट पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और स्थानीय भागीदारी की मांग कर रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि विभिन्न गुटों के बीच ट्रांसपोर्टिंग और सप्लाई को लेकर लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, जिससे गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
जमीन दाताओं को प्राथमिकता देने की मांग…..
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्लांट से जुड़े सप्लाई एवं ट्रांसपोर्टिंग कार्यों में स्थानीय जमीन दाताओं को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही सामग्री की दरें पारदर्शी तरीके से निर्धारित की जाएं और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
प्रशासन से समय रहते हस्तक्षेप की अपील……
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया और स्थानीय लोगों की मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे. उल्लेखनीय है कि एसएम स्टील एंड पावर प्लांट आदरडीह, गौरडीह, रघुनाथपुर, सांगिड़ा और केतूंगा मौजा की लगभग 1200 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है। जमीन अधिग्रहण के बाद से मुआवजा, रोजगार, सप्लाई और ट्रांसपोर्टिंग को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं।
नोट: इस खबर में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों और ग्रामीणों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित कंपनी, ठेकेदारों या प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

