जमशेदपुर : जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में एमई स्कूल रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास बनी पानी टंकी की छत धंसने के बाद करीब 2000 घरों में पेयजल संकट गहरा गया है। घटना 14 मार्च 2026 की बताई जा रही है, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में आक्रोश है।



मामले को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता कृतिवास मंडल ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय, नई दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण हजारों लोग पानी के लिए परेशान हैं, जबकि प्रशासन की ओर से अब तक ठोस पहल नहीं की गई है।
शिकायत के अनुसार, तत्कालीन उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मामले में दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन पेयजल विभाग के कार्यपालक अभियंता द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे लापरवाही और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता ने मामले की विस्तृत जांच की मांग करते हुए टंकी के निर्माण वर्ष, प्राक्कलित लागत, निर्माण एजेंसी और इसकी आयु सीमा की जांच कराने का आग्रह किया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि निर्माण के कुछ ही वर्षों में टंकी की छत धंसना गंभीर अनियमितता की ओर संकेत करता है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के एक महीने बाद भी टंकी की मरम्मत नहीं कराए जाने से क्षेत्र के करीब 2000 परिवार पेयजल के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जनहित को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की गई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पीएमओ और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके तहत डीडब्ल्यूएस डिवीजन जमशेदपुर के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार को जांच कर प्रतिवेदन समर्पित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
