जमशेदपुर : शहर के 10 नंबर बस्ती, पद्मा रोड में वर्ष 1957 से जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। करीब सात दशक से चली आ रही यह परंपरा आज भी स्थानीय लोगों के बीच श्रद्धा और उत्साह का केंद्र बनी हुई है. जन्माष्टमी के अवसर पर पूरे क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है। मंदिर एवं पूजा स्थल पर विशेष सजावट के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहता है और बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

आयोजकों के अनुसार, 1957 में शुरू हुई जन्माष्टमी की यह परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ रही है। बुजुर्गों के साथ युवा और बच्चे भी आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा एवं आरती की जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आयोजन सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता का भी प्रतीक बन चुका है। हर वर्ष श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
