जमशेदपुर। शहर के बिरसानगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जमशेदपुर साइबर पुलिस और रामगढ़ साइबर थाना की संयुक्त टीम ने बिरसानगर जोन नंबर-2 बी स्थित ओम नगर, रोड नंबर-1 में देर रात छापेमारी कर पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से 20 से अधिक मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, लैपटॉप, भारी मात्रा में नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं।
बताया जा रहा है कि जिस मकान में कथित तौर पर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, वह टाटा स्टील के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का है। पुलिस ने मकान मालिक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मकान मालिक को अपने घर में किराये पर रह रहे युवकों की गतिविधियों और कथित साइबर ठगी के कारोबार की जानकारी थी या नहीं।
43 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा है मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रामगढ़ के एक व्यक्ति के बैंक ऑफ महाराष्ट्र स्थित खाते से करीब 43 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी। इस संबंध में रामगढ़ साइबर थाना में मामला दर्ज कराया गया था। बताया जाता है कि इस मामले में आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिका भी दाखिल की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया था।
इसके बाद रामगढ़ साइबर पुलिस को सूचना मिली कि इस मामले से जुड़े आरोपी जमशेदपुर के बिरसानगर इलाके में एक मकान में रहकर साइबर ठगी की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर देर रात छापेमारी
सूचना मिलने के बाद रामगढ़ साइबर पुलिस की टीम जमशेदपुर पहुंची और स्थानीय साइबर पुलिस के सहयोग से आरोपियों की तलाश शुरू की। मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस ने देर रात करीब दो बजे ओम नगर स्थित मकान में छापेमारी की। अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया। मौके से 20 से अधिक मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, लैपटॉप, नकदी और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किए गए। पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि साइबर ठगी से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल गिरफ्तार युवकों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों और शहरों से जुड़े हैं। साथ ही ठगी की रकम के लेन-देन, अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
संभावना जताई जा रही है कि पुलिस जल्द ही इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर सकती है। इस कार्रवाई के बाद जमशेदपुर में सक्रिय साइबर अपराधियों के नेटवर्क को लेकर भी कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।


