दो POS एजेंट भी पुलिस की गिरफ्त में, एक ही आधार पर जारी करते थे कई सिम कार्ड; 5 मोबाइल और 9 सिम बरामद
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड के जरिए साइबर अपराध को अंजाम देने वाले एक गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो POS एजेंट और Jio कंपनी का एक कर्मचारी शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपी KYC प्रक्रिया का दुरुपयोग कर ग्राहकों के पहचान दस्तावेजों पर अतिरिक्त सिम कार्ड जारी करते थे और उन्हें साइबर अपराधियों को बेच देते थे। शनिवार को सिटी एसपी ललित मीणा ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी।
दूरसंचार विभाग से मिले इनपुट पर हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, दूरसंचार विभाग से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर साइबर थाना की टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि कुछ सिम कार्ड एजेंट निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर फर्जी तरीके से सिम जारी कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रौनक कुमार (19), निवासी बर्मामाइंस, सन्नी कुमार साव (19), निवासी गोलमुरी और प्रकाश कुमार (33), निवासी टेल्को के रूप में हुई है। प्रकाश कुमार Jio कंपनी का कर्मचारी बताया गया है, जबकि अन्य दो आरोपी POS एजेंट के रूप में काम करते थे।
एक ग्राहक के दस्तावेज पर जारी करते थे दो सिम
पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी KYC प्रक्रिया का दुरुपयोग करते थे। इसके लिए वे कम पढ़े-लिखे, बुजुर्ग और सीधे-सादे ग्राहकों को निशाना बनाते थे। ग्राहकों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक से अधिक सिम कार्ड एक्टिवेट किए जाते थे। इनमें से एक सिम ग्राहक को दे दिया जाता था, जबकि दूसरा सिम बिना जानकारी दिए अपने पास रख लिया जाता था। बाद में इस अतिरिक्त सिम को साइबर अपराधियों को मोटी रकम लेकर बेच दिया जाता था। सिटी एसपी ललित मीणा के अनुसार, Jio कर्मचारी प्रकाश कुमार की भूमिका सिम एक्टिवेशन की प्रक्रिया में कथित तौर पर गड़बड़ी करने और अन्य आरोपियों की मदद करने में सामने आई है।
5 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और नौ सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में फर्जी सिम कार्ड साइबर अपराधियों तक पहुंचाए गए हैं। इन सिम कार्डों का इस्तेमाल बैंकिंग धोखाधड़ी, OTP फ्रॉड, लोन ऐप के जरिए ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किए जाने की आशंका है।
साइबर थाना में दर्ज हुआ मामला, नेटवर्क की जांच जारी
इस मामले में जमशेदपुर साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 109/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कर रही है। इसके जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह के तार किन-किन राज्यों और साइबर अपराधियों से जुड़े हैं तथा अब तक कितने फर्जी सिम कार्ड जारी किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
आम लोगों से पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से सिम कार्ड खरीदते समय अपने KYC दस्तावेजों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। आधार या पैन कार्ड की फोटोकॉपी देते समय उस पर दस्तावेज देने का उद्देश्य और तारीख जरूर लिखें। इसके अलावा, अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों की जानकारी समय-समय पर संचार साथी पोर्टल के माध्यम से जांचते रहें, ताकि किसी भी अनधिकृत सिम कार्ड की जानकारी मिल सके।




