16 गवाहों की गवाही के बावजूद आरोप साबित नहीं कर सका अभियोजन पक्ष, बचाव पक्ष की दलीलों के बाद अदालत ने सुनाया फैसला
जमशेदपुर : गोविंदपुर थाना क्षेत्र के चर्चित अश्विनी कुमार हत्याकांड में जमशेदपुर न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय की अदालत ने मामले के तीनों आरोपियों सूरज यादव, राजेश उर्फ राजू यादव और गौरव भगत उर्फ इंदु कोड़ा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। यह मामला गोविंदपुर थाना कांड संख्या 53/03 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 16 गवाह प्रस्तुत किए गए। हालांकि, सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने की पैरवी
मामले में आरोपी सूरज यादव और राजेश उर्फ राजू यादव की ओर से अधिवक्ता गौरव पाठक ने पक्ष रखा, जबकि गौरव भगत उर्फ इंदु कोड़ा की ओर से अधिवक्ता अनिंदो मिश्रा ने पैरवी की। बचाव पक्ष ने अदालत में अपने तर्क प्रस्तुत किए और अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों की जिरह के दौरान पड़ताल की।
जेल में बंद आरोपियों की रिहाई का रास्ता साफ
मामले की सुनवाई के दौरान राजेश उर्फ राजू यादव जमानत पर बाहर थे, जबकि सूरज यादव और गौरव भगत उर्फ इंदु कोड़ा न्यायिक हिरासत में थे। अदालत के बरी करने के आदेश के बाद जेल में बंद दोनों आरोपियों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, उनकी वास्तविक रिहाई संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी। इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चर्चित इस हत्याकांड में तीनों आरोपियों के खिलाफ चल रही सुनवाई का अंत हो गया।
