जमशेदपुर। दुर्गा पूजा के बाद पटाखों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को सुंदरनगर थाना क्षेत्र में स्थायी रूप से संचालित करीब आधा दर्जन पटाखा दुकानों की जांच की गई। स्थानीय प्रशासन की टीम ने दुकानदारों के लाइसेंस, पटाखों के भंडारण और बिक्री से संबंधित नियमों की पड़ताल की। जांच के दौरान कुछ दुकानों के वैध लाइसेंस के बिना संचालित होने की बात सामने आने की सूचना है।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वैध लाइसेंस के बिना पटाखों की दुकान चलाने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन कर कारोबार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति पटाखों का भंडारण और बिक्री करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर गिरफ्तारी समेत अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
शहर की 95 प्रतिशत दुकानों के बिना लाइसेंस चलने का दावा
जमशेदपुर में पटाखा कारोबार के लाइसेंस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि शहर की करीब 95 प्रतिशत पटाखा दुकानें बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रही हैं। हालांकि, इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ क्षेत्रों में संबंधित थानों की कथित मिलीभगत से बिना लाइसेंस पटाखों का कारोबार चल रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने की बात कह रहे दुकानदार
दूसरी ओर, कुछ दुकानदारों का कहना है कि उनके पास मार्च तक लाइसेंस वैध था, लेकिन इसके बाद उसका नवीनीकरण नहीं हो सका। हालांकि, लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद कारोबार जारी रखने की अनुमति थी या नहीं, यह संबंधित दस्तावेजों और नियमों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। नियमानुसार लाइसेंस की वैधता और नवीनीकरण की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। बिना वैध अनुमति पटाखों की बिक्री और भंडारण करने पर कार्रवाई हो सकती है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी प्रशासन की नजर
पटाखे विस्फोटक प्रकृति की सामग्री हैं। इनके भंडारण और बिक्री के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी से आग लगने और गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी केवल लाइसेंस की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि दुकानों में पटाखों के सुरक्षित भंडारण और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का सत्यापन भी जरूरी है। सुंदरनगर में हुई जांच के बाद अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर है। साथ ही यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन पूरे जमशेदपुर में पटाखा दुकानों के लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच करता है या नहीं।


