जमशेदपुर : जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (JFC) को बंद करने की खबर जमशेदपुर के युवाओं, फुटबॉल खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं पूरे खेल जगत के लिए अत्यंत निराशाजनक है। यह निर्णय केवल एक क्लब के संचालन से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि उस शहर की खेल संस्कृति और पहचान से भी जुड़ा है, जिसने दशकों से भारतीय खेल जगत को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की हैं। उक्त बाते भाजपा पूर्वी सिंहभूम के जिला प्रभारी सह पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कही है।

उन्होंने कहा की टाटा स्टील ने देश और दुनिया में अपनी औद्योगिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेलों के विकास में भी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। आज देश के लगभग हर क्षेत्र में टाटा समूह अपनी सकारात्मक ब्रांडिंग और सामाजिक दायित्वों के लिए जाना जाता है। ऐसे समय में जमशेदपुर फुटबॉल क्लब को बंद करने का निर्णय शहर के युवाओं और खेल प्रेमियों की भावनाओं को आहत करने वाला है।
जमशेदपुर फुटबॉल क्लब ने अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच दिया है और शहर के युवाओं में फुटबॉल के प्रति नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार किया है। यदि क्लब के संचालन में किसी प्रकार की व्यावहारिक या प्रशासनिक कठिनाई है, तो उसका समाधान संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से निकाला जाना चाहिए, न कि क्लब को बंद करके।
मैं टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक (MD) से आग्रह करता हूँ कि वे इस निर्णय पर पुनर्विचार करें तथा जमशेदपुर की खेल विरासत, युवाओं की आकांक्षाओं और लाखों फुटबॉल प्रेमियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए कोई सकारात्मक समाधान निकालें।
जमशेदपुर की पहचान केवल उद्योग नगरी के रूप में ही नहीं, बल्कि खेल नगरी के रूप में भी रही है। इस गौरवशाली परंपरा को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुझे विश्वास है कि टाटा स्टील इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाते हुए ऐसा निर्णय लेगी, जिससे खेल, खिलाड़ी और शहर—तीनों का हित सुरक्षित रहे।
