JAMSHEDPUR : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केन्द्रीय अध्यक्ष सह डुमरी के विधायक टाइगर जयराम महतो ने झारखंड में स्थापित सभी कॉरपोरेट घरानों की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से करते हुए कहा कि भले ही ईस्ट इंडिया कंपनी भारत से चली गई, लेकिन उसका स्वरुप आज भी टाटा, बीसीसीएल, सेल आदि कंपनी के माध्यम से जिंदा है.

वे बिष्टुपुर माइकल जॉन सभागार में मोर्चा के कार्यकर्ता सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि यही ईस्ट इंडिया कंपनी के जरिए अंग्रेजों ने भारत में वर्षों तक शासन किया, अब इन कंपनियों के अधिकारी यहां के लोगों को बेबसी व लाचारी दे रहे हैं.
महतो ने ऐसे उद्योग व खनन क्षेत्र के आसपास रहनेवाले लोगों से कहा कि अब ‘हम दो हमारे दो’ की नीति नहीं चलेगी. अब हम सबको ‘हम दो, हमारे चार’ पर अमल करना होगा. इसमें से दो बच्चे को विद्रोही बनाने की जरुरत है. क्योंकि हमारी जमीन व फसल बचाने के लिये ‘सांढ़’ रुपी पुत्र को जन्म देने की जरुरत है. इसके माध्यम से उन्होंने सांगठनिक रुप से एक होने का संदेश दिया.
इसके पूर्व पार्टी के महानगर अध्यक्ष रामप्रसाद महतो के नेतृत्व में कई वरीय नेताओं ने जयराम महतो सहित अन्य केन्द्रीय नेताओं का माला. माला पहनाकर स्वागत किया. ज्ञात हो कि जेएलकेएम के स्थापना काल से ही मानिक अपने समर्थकों के साथ जयराम महतो के साथ जुड़ गये थे. उसके बाद कुछ कारणों से उन्होंने अपने आप को अलग कर लिया था. आज पुन: मंच पर उन्होंने घर वापसी करते हुए खुशी जताई. उनके अलावा सोनारी निवासी अंकित महतो, छत्तीसगढ़ी युवा मंच के प्यारेलाल साहू व उनके समर्थक, को-ऑपरेटिव कॉलेज एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण बानरा, एनआईटी कर्मचारी संघ के कई सदस्य, भारत आदिवासी पार्टी के इंद्रो मुर्मू, अनुप टोपनो, इमानुएल तिग्गा, धनंजय सिंह, बलराम तांती, देवाशीष गौड़, करण सोरेन सहित कई युवा शामिल थे.
