महागामा के जियाजोरी जंगल के पास हुई वारदात, पीड़िता से छीनी गई चांदी की चेन भी बरामद
गोड्डा । झारखंड के गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म और लूटपाट के गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों में से एक के घर से पीड़िता से छीनी गई चांदी की चेन भी बरामद की है।
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, घटना 21 अक्टूबर 2026 की रात की है। पाकुड़ जिले की रहने वाली एक नाबालिग लड़की अपनी मौसी के घर आई हुई थी। वह उर्जानगर मेला घूमने के बाद अपने दो रिश्तेदारों के साथ वापस मौसी के घर जा रही थी। इसी दौरान जियाजोरी जंगल के समीप पांच से छह लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि इस दौरान नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसके गले से चांदी की चेन छीन ली गई।
विशेष टीम ने की कार्रवाई
घटना के संबंध में महागामा थाना कांड संख्या 186/2026, दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर मोहसिन अंसारी के घर से पीड़िता की छीनी गई चांदी की चेन बरामद की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- मोहसिन अंसारी (22 वर्ष), पिता नूर मोहम्मद अंसारी।
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मो. जहूर अंसारी (27 वर्ष), पिता साबेद अंसारी।
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मो. अवाज अंसारी (19 वर्ष), पिता मो. हकानी अंसारी।
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मो. मोतीम अंसारी (19 वर्ष), पिता इस्लाम अंसारी।
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मो. परवेज अंसारी (20 वर्ष), पिता जलालुद्दीन अंसारी।
सभी आरोपी गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र के जियाजोरी गांव के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
छापेमारी टीम का नेतृत्व एसडीपीओ वरुण रजक ने किया। टीम में महागामा प्रभाग के पुलिस निरीक्षक उपेन्द्र कुमार महतो, महागामा थाना प्रभारी अभिनव आनंद, ललमटिया थाना प्रभारी रौशन सिंह समेत महागामा थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी और दोनों थानों के रिजर्व गार्ड शामिल थे। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नाबालिग पीड़िता की पहचान और उससे जुड़ी निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना आवश्यक है।


