नई दिल्ली : झारखंड के छह हवाई अड्डे को आरसीएस-उड़ान योजना के तहत विकास के लिए चयनित किया गया है। राज्यसभा सांसद परिमल नाथवाणी के एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार की ओर से ये जानकारी दी गई। केंद्र सरकार के नागरिक विमानन मंत्रालय ने क्षेत्रीय संपर्क योजना – उड़े देश का आम नागरिक के तहत विकास के लिए झारखंड के कुल छह हवाई अड्डों का चयन किया है। इन छह हवाई अड्डों में बोकारो, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग, देवघर और डाल्टनगंज शामिल है। परंतु सबसे अधिक राजस्व से देश की झोली भरने वाले शहर धनबाद के लिए अभी तक कोई सुगबुगाहट नहीं है। यहां के सारे जनप्रतिनिधियों ने जैसे अपने होंठ ही सी लिए हों। सभी में एका नहीं रहने के कारण धनबाद के आम लोगों का उड़ने का सपना भी साकार होते नहीं दिख रहा। यहां एयरपोर्ट के लिए जन आंदोलन की जरूरत महसूस हो रही है। इसके लिए यहां के जेन जी को आगे आकर कमान संभालनी पड़ेगी तब जाकर सपना साकार होगा।

यहां हम बता दें कि इन छह में से दो हवाई अड्डे विकास के बाद परिचालनरत हो चुके है, जबकि दो हवाई अड्डों का विकास कार्य पूरा हो चुका है। यह जानकारी नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को राज्यसभा में सांसद परिमल नथवाणी की ओर से पूछे गए एक सवाल का जवाब में उपलब्ध करवाई।
हजारीबाग और डाल्टनगंज एयरपोर्ट के लिए नहीं मिली जमीन , धनबाद का कहीं अता-पता नहीं
नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के अनुसार, दो हवाई अड्डे जमशेदपुर और देवघर पहले ही परिचालनरत हैं। जबकि बोकारो और दुमका में विकास कार्य पूरा हो चुका है, जबकि हजारीबाग और डाल्टनगंज के लिए राज्य सरकार ने भूमि उपलब्ध नहीं कराई है, मंत्री जी ने अपने जवाब में यह बात कही। और लगता है कि धनबाद के लिए जैसे कोई बात ही नहीं उठी है।
हवाईअड्डा इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास 122.04 करोड़ मंजूर
केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि झारखंड में हवाईअड्डा इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 122.04 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके सापेक्ष अब तक 117.61 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है।
अगले 10 साल में 4 करोड़ को मिलेगी हवाई सुविधा
राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी यह जानना चाहते थे कि क्या सरकार ने उड़ान योजना के तहत झारखंड में क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार के संबंध में कोई आकलन किया है और पिछले पांच वर्षों के दौरान झारखंड में हवाईअड्डा अवसंरचना विकास के लिए कितनी धनराशि स्वीकृत और उपयोग की गई है। देश भर में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और बेहतर बनाने के लिए, सरकार ने 4 जुलाई 2026 को संशोधित उड़ान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों को जोड़ने और 4 करोड़ यात्रियों की यात्रा सुविधा प्रदान करने की परिकल्पना की गई है।
