जमशेदपुर : जमशेदपुर एवं पोटका प्रखंड में साइकिल वितरण योजना में कथित अनियमितताओं और हजारों साइकिलों के वितरण में देरी को लेकर जन विकास मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी मांगी है।

सौरभ विष्णु ने आरोप लगाया कि जमशेदपुर एवं पोटका प्रखंड में कुल 13,500 साइकिलों का वितरण किया जाना था, लेकिन अब तक केवल 2,600 साइकिलें ही छात्रों को उपलब्ध कराई गई हैं। इसके चलते 10,900 गरीब छात्र-छात्राएं अब भी साइकिल मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूरदराज के गांवों के कई बच्चे आज भी प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी ओर करोड़ों रुपये की लागत से खरीदी गई साइकिलें खुले में धूप और बारिश के बीच पड़ी-पड़ी जंग खा रही हैं। यह न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे का भी दुरुपयोग है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या सरकार की जिम्मेदारी केवल टेंडर जारी करने और भुगतान करने तक सीमित है, या यह सुनिश्चित करना भी है कि साइकिलें पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचें?
मुख्य सचिव को भेजे पत्र में सौरभ विष्णु ने कहा कि साइकिल खरीद और आपूर्ति से जुड़ी एजेंसियां अपना भुगतान प्राप्त कर चुकी हैं, लेकिन वितरण कार्य अधूरा पड़ा है। उन्होंने आशंका जताई कि वितरण में किसी प्रकार की जवाबदेही तय नहीं होने के कारण हजारों छात्र-छात्राएं अपने अधिकार से वंचित हैं. RTI आवेदन के माध्यम से उन्होंने यह भी पूछा है कि विद्यार्थियों तक साइकिल पहुंचाने की अंतिम जिम्मेदारी सरकार की थी या संबंधित एजेंसियों की। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना होगा।
