जमशेदपुर : बिरसा मुंडा ऑडिटोरियम में दुर्गापूजा को लेकर एसएसपी की अध्यक्षता में पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूजा के दौरान शहर में शांति, सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मानवाधिकार मिशन ने पुलिस-प्रशासन की तैयारियों की सराहना करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए. मानवाधिकार मिशन के नेशनल डायरेक्टर डॉ. जी. जयरामदास ने बताया कि दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाए जाने की तैयारी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जरूरत के अनुसार करीब 1,000 सीआरपीएफ जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया जाए, ताकि संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और मजबूत हो सके।

डॉ. जयरामदास ने प्रत्येक पूजा पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ने का सुझाव दिया। इससे भीड़ की निगरानी के साथ किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी. उन्होंने रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने की अनुमति नहीं देने, साथ ही पूजा के दौरान 24×7 टास्क फोर्स द्वारा लगातार निगरानी किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और प्रशासन को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहना चाहिए।
मानवाधिकार मिशन ने डीसी और एसएसपी से उम्मीद जताई कि पुलिस-प्रशासन, पूजा समितियों और नागरिकों के समन्वय से इस वर्ष दुर्गापूजा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होगी। मिशन ने शहरवासियों से भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की. डॉ. जी. जयरामदास ने कहा कि मां दुर्गा की पूजा हर्षोल्लास, शांति और श्रद्धा के साथ संपन्न हो, यही सभी की कामना है।
